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11 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद चंडीगढ़ के 2015 बैच शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नियुक्ति तिथि से सभी सेवा और वित्तीय लाभ देने के आदेश दिए हैं। फैसले के तहत शिक्षकों को लंबित महंगाई भत्ता (डीए), एसीपी, पंजाब के छठे वेतन आयोग और केंद्र के सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन लाभ दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रोबेशन क्लीयरेंस सहित अन्य सभी सेवा संबंधी लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। 2015 बैच के शिक्षक अपने नियमितीकरण और वेतन संबंधी अधिकारों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर कई बार मांग उठाई और बाद में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षकों ने उम्मीद जताई है कि चंडीगढ़ प्रशासन इस निर्णय को जल्द लागू करेगा, ताकि सभी लंबित लाभ समयबद्ध तरीके से मिल सकें। क्या था मामला? चंडीगढ़ प्रशासन ने 1150 शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद 950 शिक्षकों का चयन हुआ। इसी दौरान परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे, जिसके बाद मामला अदालत पहुंच गया। तभी से इस मामले की सुनवाई चल रही थी।