पंचकूला में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाने के लिए जिला पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। सड़क सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए पंचकूला पुलिस ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एक विशेष अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से उन दुपहिया वाहन चालकों को निशाने पर लिया जा रहा है, जो नियमों को ताक पर रखकर बिना हेलमेट सड़कों पर उतरते हैं। पुलिस की इस सख्ती का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाना और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करना है।
पंचकूला पुलिस विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 1 जनवरी से लेकर 19 अप्रैल तक पंचकूला पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले कुल 5809 दुपहिया वाहन चालकों के चालान काटे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये कार्रवाई केवल पारंपरिक नाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ऑनलाइन और मैनुअल, दोनों तरीकों से चालान प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न चौकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैद टीमों के जरिए उन लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है जो कानून की अवहेलना को अपनी बहादुरी समझते हैं।
इस संबंध में डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने वाहन चालकों को सख्त चेतावनी और अपील करते हुए कहा: बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाना सीधा मौत को बुलावा देने जैसा है, क्योंकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में सिर पर चोट लगना जान जाने का सबसे बड़ा कारण बनता है। मेरी विशेषकर युवा पीढ़ी से यह पुरजोर अपील है कि सड़क पर निकलते समय होशियारी दिखाने की कोशिश न करें, आप न तो पुलिस की नजर बच पाएंगे और न ही अनहोनी से। हमारी ट्रैफिक टीमें 24 घंटे सतर्क हैं। वाहन चलाने वाला व्यक्ति हो या पीछे बैठा साथी, दोनों ही हेलमेट जरूर पहनें और अपनी जान की कीमत को समझें। याद रखें, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने आगे बताया कि पुलिस की यह सख्ती आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ने वाली है। उन्होंने शहरवासियों को सलाह दी है कि वे न केवल चालान के डर से, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें।