ट्रांसपोर्ट नगर में वर्षों से जर्जर पड़ी सड़कों की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र में सड़क रीकार्पेटिंग कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। इस पहल से ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
प्रशासन ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए करीब ₹1.33 करोड़ की लागत निर्धारित की है। कार्य को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्ट नगर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के चेयरमैन के.के. अबरोल और प्रधान जसबीर सिंह गिल के नेतृत्व में एसोसिएशन ने लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया था। वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरसेम पुरी, महासचिव बलदीप सिंह (लक्की), सचिव जीत राम और कोषाध्यक्ष देशराज सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाना लंबे समय से लक्ष्य था, जो अब साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने की दिशा में ठोस पहल है।
इस कार्य की खास बात यह रही कि चंडीगढ़ प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कई बार क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सड़कों की बदहाली, जलभराव और अव्यवस्थित ट्रैफिक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।
परियोजना में म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, बिजली विभाग, हॉर्टिकल्चर विभाग समेत विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों का सहयोग भी शामिल है।
सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि ड्राइवरों और श्रमिकों के लिए बुनियादी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है। बैठने और विश्राम स्थल, कैंटीन, स्वच्छ पेयजल, रहने की व्यवस्था और जिम जैसी सुविधाओं की भी योजना बनाई गई है।
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद वाहनों की आवाजाही आसान होगी, दुर्घटनाएं कम होंगी, समय और लागत की बचत होगी। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर को आधुनिक और मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने का रास्ता भी साफ होगा।