Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlink6clubcolour prediction game demofree colour prediction gamecolour prediction demo gamecolour prediction game playwhere to play colour prediction gamemantri mall colour prediction gamereliance mall colour prediction gamegodrej mall colour prediction gameadani mall colour prediction gamepacific mall colour prediction gameBG678 review678 lotterybg678dmwindmwin logindm win lotteryjio lottery game6 Club apkddos for hireddos serviceip stressergojackpot
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ए.आई. पर आयोजित दो-दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी के उपभोक्ताओं की बजाय सृजनकर्ता के रूप में तैयार करने पर जोर - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Chandigarh: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, नंबर सीरीज बदलाव पर शुल्क नहीं Chandigarh: सीएम सैनी का सुझाव, टैंक बनाकर बढ़ाएं माइक्रो इरिगेशन Chamoli: 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Gurdaspur: शादी के 3 महीने बाद फौजी ने सुसाइड किया, पत्नी प्रेमी संग भागने पर उठाया कदम, पुलिस ने नहीं की थी सुनवाई Chandigarh: लेह में भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, तीन आर्मी ऑफिसर बचे, मेजर जनरल ने सेल्फी ली New Delhi: सोशल मीडिया पर दिल्ली के तापमान को लेकर हड़कंप, दिल्ली का पारा 42 डिग्री या 65? Chandigarh: रंगला पंजाब पहल से पर्यटन क्षेत्र को मिल रही नई उड़ान : डॉ. संजीव कुमार तिवारी Hoshiarpur: केवल सत्संग ही आत्मिक शांति, प्रेम और आपसी सद्भाव का माध्यम Hoshiarpur: ओहरी ने वृद्ध आश्रम और कुष्ट आश्रम में सेवा करके सादे और प्रेरणास्रोत ढंग से मनाया जन्मदिन जमीनीं विवाद में भतीजे ने किया चाचा का मर्डर, डंडे से किया वार 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Phagwara: राज्यसभा सीटों और मंत्रियों के पद बेचने संबंधी क्रिकेटर हरभजन सिंह के आरोपों का जनता को जवाब दे भगवंत मान
Logo
Uturn Time
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को शामिल करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा यहां सी.आई.आई. के नॉर्दर्न रीजन मुख्यालय में आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज गूगल और इंटेल द्वारा व्यावहारिक वर्कशॉप के साथ समाप्त हो गया। इस सम्मेलन ने क्लासरूम में एआई को शामिल करने के लिए एक उपयुक्त रोडमैप तैयार करने हेतु नीति निर्माताओं, शिक्षकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के लिए विचार-विमर्श का एक सार्थक मंच प्रदान किया। यह रोडमैप सीखने की गुणवत्ता में सुधार, पहुंच बढ़ाने और विद्यार्थियों को केवल उपभोक्ता न बनाकर प्रौद्योगिकी के निर्माता के रूप में तैयार करने पर केंद्रित होगा। पी.एस.ई.बी. के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त) ने एआई के नैतिक उपयोग पर जोर दिया और कहा कि इसका उपयोग शिक्षार्थियों की रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल को निखारने के लिए किया जा सकता है। आज के डिजिटल युग में, जहाँ एआई-आधारित उपकरण हमारे स्थायी साथी बन गए हैं, विद्यार्थियों से आग्रह किया गया कि वे ऐसे उपकरणों का चुनाव उसी तरह पूरी समझदारी और परख से करें, जैसे हम अपने मित्रों का चुनाव करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई का उपयोग पूरी जिम्मेदारी से और एक स्पष्ट कानूनी एवं नैतिक ढांचे में रहकर करने के लिए प्रोत्साहित किया, जो मुख्य उद्देश्यों से समझौता किए बिना उनके लिए सीखने में लाभकारी साबित हो। गूगल के नेतृत्व वाले सत्र में शिक्षा में एआई की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जिसमें संवेदनशीलता और जागरूकता-निर्माण पर जोर दिया गया। विचार-विमर्श के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षकों से लेकर प्रशासकों तक, शिक्षा प्रणाली के प्रमुख हिस्सेदार पहले से ही एआई-आधारित दृष्टिकोण से जुड़ रहे हैं और इसे अपना रहे हैं, जो इस बदलाव के लिए हमारी मजबूत तैयारी को दर्शाता है। सम्मेलन का एक मुख्य हिस्सा "कार्य स्थल पर एआई का उपयोग" विषय पर इंटेल की व्यावहारिक कार्यशाला थी, जिसमें 112 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र के दौरान सरकारी ढांचे के भीतर एआई उपकरण स्थापित करने पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें डेटा गोपनीयता, जिम्मेदारी से उपयोग और संगठन-विशिष्ट या संवेदनशील जानकारी को अनजाने में साझा करने जैसी स्थितियों की रोकथाम के लिए सुरक्षा उपायों पर जोर दिया गया। आईकेजी पीटीयू द्वारा "स्कूल लीडरों के लिए स्कूलों में एआई" विषय पर एक और कार्यशाला आयोजित की गई, जो विशेष रूप से प्रिंसिपलों और स्कूल प्रमुखों को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी। यह संस्थागत नेतृत्व और शैक्षणिक प्रबंधन में एआई उपकरणों को एकीकृत करने पर केंद्रित थी। साथ ही, एआई-सक्षम वातावरण में शैक्षणिक अखंडता को बनाए रखने के लिए स्कूलों द्वारा एआई-आधारित सामग्री की पहचान की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। नीव एआई द्वारा आयोजित छात्र-केंद्रित कार्यशाला "एआई इन एजुकेशन" ने एआई-आधारित एप्लीकेशनों में व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण दिया। इस सत्र के दौरान विद्यार्थियों को व्यावहारिक उपयोग के मामलों से अवगत कराने के साथ-साथ उनमें एआई की प्रारंभिक, बुनियादी समझ को बढ़ावा दिया गया। साथ ही, उन्हें उभरते हुए उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। चेयरमैन ने बताया कि इसके साथ ही विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि एआई टूल कैसे विकसित किए जाते हैं, उनके पीछे की प्रक्रियाएँ क्या हैं, और ऐसी प्रौद्योगिकियों को बनाने के लिए आवश्यक विविध कौशल सेट कौन-से हैं। इस एक्सपोज़र ने विद्यार्थियों की समझ को और गहरा करने के साथ-साथ उन्हें एआई और अन्य उभरते क्षेत्रों में भविष्य के मार्गों का पता लगाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यशाला में पंजाब के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और उनकी जिज्ञासा, अनुकूलनशीलता तथा उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़ने की इच्छा ने आने वाले वर्षों में एआई-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में असीम संभावनाओं को उजागर किया। डॉ. अमरपाल सिंह ने दो-दिवसीय सम्मेलन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एलिक्स इवेंट्स के प्रयासों की सराहना की।