अजीत झा.
चंडीगढ़ : सुखना लेक में एक बार फिर जैव विविधता की झलक देखने को मिली है। करीब 12 साल बाद यहां अनस प्रजाति की भारतीय चित्तीदार चोंच वाली बत्तख (स्पॉट-बिल्ड डक) दिखाई दी है, जिससे पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों में खासा उत्साह है।
झील में इन बत्तखों को अठखेलियां करते देख स्थानीय लोग और सैलानी उत्साहित नजर आए। हालांकि सुखना लेक में हर साल प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, लेकिन यह देशी प्रजाति लंबे समय से यहां से गायब थी। विशेषज्ञों के अनुसार, अनस प्रजाति की यह बत्तख भारत में ही पाई जाती है और झील के पारिस्थितिक संतुलन व सुंदरता में अहम भूमिका निभाती है।
जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2014 में बर्ड फ्लू के प्रकोप के बाद सुखना लेक में बतखों की संख्या अचानक घट गई थी। उस समय तीन दिनों के भीतर कई बतखों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जांच के लिए सैंपल जालंधर की लैब भेजे गए थे, जहां एवियन इन्फ्लुएंजा संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए थे।
इस घटना के बाद से चित्तीदार चोंच वाली बत्तखें यहां दिखाई नहीं दे रही थीं। अब करीब एक दशक बाद इनकी वापसी को वन्यजीव विभाग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह झील के पर्यावरण में सुधार और अनुकूल परिस्थितियों का संकेत है।