Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlinkchambery porn
NOC और भुगतान के बाद भी जारी बिजली बिल, सेक्टर-16 चंडीगढ़ में CPDL की बड़ी लापरवाही उजागर - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
पुनीत महाजन:- चंडीगढ़ 02 April : सेक्टर 16-डी स्थित मकान नंबर 716 से एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ सीपीडीएल (CPDL) बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार संबंधित उपभोक्ता को पहले ही विभाग की ओर से एनओसी (NOC) जारी की जा चुकी है और सभी लंबित बिजली बिलों का पूर्ण भुगतान भी कर दिया गया है, अब यह समझ में नहीं आता है कि यह लापरवाही है या बिल में प्रिंटिंग में कोई गलती हो रही है जिसका स्पष्ट अर्थ है कि खाते में कोई बकाया शेष नहीं था। इसके बावजूद विभाग द्वारा लगातार उसी नाम पर बिजली के बिल जारी किए जा रहे हैं, जो न केवल हैरान करने वाला है बल्कि नियमों के भी विरुद्ध है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित मकान में वर्तमान समय में बिजली का मीटर तक स्थापित नहीं है, फिर भी बिजली खपत और यहां तक कि सोलर चार्ज जैसे मदों को जोड़कर बिल तैयार किया जा रहा है। यह स्थिति विभागीय रिकॉर्ड में गंभीर खामियों और लापरवाही की ओर इशारा करती है, जिससे उपभोक्ता को बेवजह आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले ने बिजली विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय निवासी और पीड़ित उपभोक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को इस प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।