Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
नई दिल्ली, 29 मार्च : देश के प्रमुख निजी बैंक HDFC Bank इन दिनों बाजार में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बैंक के पूर्व चेयरमैन Atanu Chakraborty के अचानक इस्तीफे के बाद इसके शेयरों में तेज गिरावट और लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे की खबर सामने आते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिसके चलते बैंक के शेयरों में एक ही दिन में लगभग 8 से 9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वर्तमान में शेयर ₹760 से ₹780 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले उच्च स्तर से काफी नीचे है। मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब यह जानकारी सामने आई कि बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India इस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर सकता है। वहीं, बैंक प्रबंधन ने भी पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से बाहरी कानूनी विशेषज्ञों की मदद ली है, जो इस्तीफे से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहे हैं। बाजार में यह भी चर्चा है कि बैंक के शीर्ष प्रबंधन के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद थे, जिसने स्थिति को और जटिल बना दिया। हालांकि, बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी आंतरिक प्रणालियां और गवर्नेंस ढांचा पूरी तरह मजबूत है तथा ग्राहकों और निवेशकों के हित सुरक्षित हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से भावनात्मक प्रतिक्रिया (sentiment) का परिणाम है, न कि बैंक की बुनियादी स्थिति में किसी बड़ी कमजोरी का संकेत। उनका कहना है कि शॉर्ट टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में स्थिति स्थिर हो सकती है।