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लुधियाना/यूटर्न/25 मार्च।लुधियाना के निजी स्कूलों द्वारा री-एडमिशन और डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर की जा रही कथित अवैध वसूली के खिलाफ समाजसेवी संस्थाएं और अभिभावक लामबंद हो गए हैं। बुधवार को विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स पहुंचे और डिप्टी कमिश्नर (DC) को लिखित शिकायत सौंपकर स्कूलों की कार्यप्रणाली पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।अभिभावकों और संस्थाओं का आरोप है कि स्कूल बिना किसी ठोस कारण के भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। शिकायत में कहा गया कि पुरानी क्लास से नई क्लास में जाने पर जबरन री-एडमिशन फीस वसूली जा रही है और विकास के नाम पर लिए गए फंड का कोई स्पष्ट ब्यौरा नहीं दिया जा रहा। साथ ही, RTE 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का पालन भी नहीं हो रहा। डिप्टी कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए और अभिभावकों व बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध शुल्कों पर रोक नहीं लगी तो विरोध को बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।