Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 24 मार्च : देशभर में बढ़ते तापमान और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, देश की अधिकतम बिजली मांग *दो लाख चालीस हजार मेगावाट* से अधिक जा सकती है, जो पिछले वर्ष के उच्च स्तर से भी ज्यादा है। पंजाब में भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने के साथ-साथ कृषि कार्यों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा भीषण गर्मी के कारण घरेलू उपयोग—जैसे कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर—की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है। स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को पूरी क्षमता पर चलाने के निर्देश दिए हैं। देश के कुल बिजली उत्पादन में कोयले की हिस्सेदारी लगभग *सत्तर प्रतिशत* है, जिससे इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। पंजाब सरकार और बिजली विभाग ने भी आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोयले की उपलब्धता, बिजली खरीद समझौते और ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो पीक समय में दबाव बढ़ सकता है। हालांकि समय रहते उठाए गए कदम संभावित बिजली संकट को टालने में मददगार साबित हो सकते हैं।