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चंडीगढ़/ यूटर्न/20 मार्च।महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सेक्टर-26 स्थित रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में पांच दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। “नारी सुरक्षा पर जांच अधिकारी” विषय पर आधारित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 मार्च से 20 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया। यह वर्कशॉप ब्यूरो ऑफ़ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) के मार्गदर्शन में एसपी/हेडक्वार्टर एंड ट्रेनिंग मनजीत के नेतृत्व और डीएसपी/ट्रेनिंग अमराव सिंह की निगरानी में संपन्न हुई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जागरूक किया गया। इसमें साइबर क्राइम की जांच में ओपन-सोर्स टूल्स का उपयोग, सोशल मीडिया पर होने वाले अपराध, ऑनलाइन दुरुपयोग, साइबर पोर्नोग्राफी, आपत्तिजनक कंटेंट को ब्लॉक और हटाने की प्रक्रिया जैसी जानकारियां दी गईं। इसके अलावा पोकसो Act और जुवनाइल जस्टिस एक्ट का अवलोकन, फॉरेंसिक साइंस की भूमिका, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच, मानव तस्करी, और पीड़ितों के परीक्षण से संबंधित प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को संबंधित कानूनों में हुए नवीनतम संशोधनों, अधिकतम दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए जांच प्रक्रिया, लापता महिलाओं और बच्चों के मामलों में मानक संचालन प्रक्रिया (SOPs), तथा नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन और मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की भी जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चंडीगढ़ पुलिस की महिला अधिकारी, जिनमें असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक की अधिकारी शामिल थीं, ने भाग लिया और इंटरैक्टिव सत्रों में सक्रिय रूप से सहभागिता की।