Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlinkchambery porn
वरिष्ठजन हमारे घर की नींव- बुजुर्गों का आशीर्वाद बहुत भाग्य वालों को मिलता है - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
आध्यात्मिकता में माता-पिता का सर्वश्रेष्ठ स्थान-बड़े बुजुर्ग वृद्धजन ईश्वर अल्लाह का रूप
हम माता-पिता का सम्मान नहीं करते हैं और सिर्फ पूजा-पाठ करते हैं, तो हमें सुख शांति क़भी नहीं मिलेगी -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता में आस्था जग प्रसिद्ध है। अपने माता- पिता और बड़े बुजुर्गों का जितना सम्मान भारतीय संस्कृति में सदियों से प्रवाहित हो रहा है, शायद दुनियाँ में कहीं नहीं देखने को मिलेगा। परंतु दुर्भाग्य से कहना पड़ रहा है कि माता-पिता बड़े बुजुर्गों के सम्मान की इतनी धारदार कट्टरता अभी कुछ वर्षों से तीव्रता से कम होती जा रही है। याने पाश्चात्य संस्कृति की छाया भारतीय समाज में तीव्रता से बढ़ती जा रही है। आज माता-पिता अपने बच्चों को अपना पेट काटकर ऊंचे से ऊंची शिक्षा दिलाकर डॉक्टर इंजीनियर सीए सहित अनेक प्रोफेशनल डिग्रियां दिलाकर उच्च मुकाम पर पहुंचा रहे हैं। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र मानता हूं कि कुछ अपवादों को छोड़कर उन्हीं नवयुवकों द्वारा अपने अपने माता-पिता को छोड़कर अपनें भविष्य, अपनी जिंदगी,अपनी लाइफ स्टाइल के नाम पर बड़े शहरों, विदेशों में जॉब के नाम पर जाकर वही सेट हो जाते हैं। अनेक युवा वही शादी कर लेते हैं तो कुछ अपने नाटिव स्थान पर शादी करके फैमिली सहित वापस बड़े शहर या विदेश में चले जाते हैं और बेचारे मां-बाप वही अपनी तंगी हालत में जीते हैं। ऐसे अनेक हकीकत किस्से हर शहर, गांव में आम होते जा रहे हैं हमारी कॉलोनी में भी कई किस्से मेरी नजरों के सामने हैं जो बेचारे फटी पेंट या धोती पहन कर गुजारा कर रहे हैं और उनके बच्चे ब्रांडेड चीजों को वापरकर अपनी पाश्चात्य लाइफ स्टाइल जी रहे हैं जिसका कोई फायदा नहीं है। मेरा मानना है कि ऐसे युवक इस नाइंसाफी का बीज बो रहे हैं जो आगे चलकर अपने बच्चों से वटवृक्ष के रूप में परेशानियों से भरा पाएंगे। इसलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे आओ अपने माता-पिता बड़े बुजुर्गों वृद्धजनों का सम्मान और उनकी देखभाल करें। साथियों बात अगर हम आध्यात्मिक आस्था की करें तो, हम लोग पूजा-पाठ बहुत करते हैं, लेकिन हमें सकारात्मक फल नहीं मिल पाते हैं। मेरा मानना है कि सिर्फ पूजा से जीवन में सुख-शांति नहीं मिल सकती है। अपना आचरण भी अच्छा बनाए रखना जरूरी है। हम लोग माता-पिता का सम्मान नहीं करते हैं और सिर्फ पूजा-पाठ करते हैं, तो हमें सुख शांति नहीं मिल पाती है। देवी-देवता भी उन्हीं लोग पर कृपा करते हैं जो अपने माता-पिता का पूरा सम्मान करते हैं और उनके सुख-दुख का ध्यान रखते हैं। साथियों बात अगर हम हमारे शास्त्रों में बुजुर्गों के सम्मान की करें तो,यजुर्वेद का उल्लेख, हमारे शास्त्रों में भी बुजुर्गों का सम्मान करने की राह दिखलायी गई है यजुर्वेद का निम्न मंत्र संतान को अपने माता-पिता की सेवा और उनका सम्मान करने की शिक्षा देता है- यदापि पोष मातरं पुत्र: प्रभुदितो धयान्। इतदगे अनृणो भवाम्यहतौ पितरौ ममां॥ अर्थात् जिन माता-पिता ने अपने अथक प्रयत्नों से पाल पोसकर मुझे बड़ा किया है, अब मेरे बड़े होने पर जब वे अशक्त हो गये हैं तो वे 'जनक-जननी' किसी प्रकार से भी पीड़ित न हों, इस हेतु मैं उसी की सेवा सत्कार से उन्हें संतुष्ट कर अपा आनृश्य (ऋण के भार से मुक्ति) कर रहा हूँ। आज  अंतरराष्ट्रीय स्तरपर हम मनीषियों को को यह समझने की जरूरत है कि वरिष्ठ नागरिक, वृद्धजन, बड़े बुजुर्ग हमारे समाज की अनमोल विरासत होते हैं, उन्होंने अपने समाज और देश को बहुत कुछ दिया है। वह हमारी धरोहर हैं, अनुभवों का एक खजाना है जो किसी भी देश की उन्नति के लिए मूल्यवान मंत्र है जिसका सही दिशा में उपयोग किया जाए तो उस देश को सामाजिक- आर्थिक नैतिक संपन्नता से नवाज़ने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि उनके अनुभवों के साथ उनका आशीर्वाद भी काम करता है जिसमें स्वयं ईश्वर अल्लाह भी हस्तक्षेप नहीं कर सकते इतनी ताकत होती है आशीर्वाद या दुआ में,इसलिए हमें चाहिए कि बड़े बुजुर्गों के अनुभवों और सीख़ से हम जीवन में आई विपत्तियों से पार पाने में सक्षम हों।आओ वृद्धावस्था को सुखी बनाएं-उनका आशीर्वाद लें। साथियों बात अगर हम माता पिता बड़े बुजुर्ग वृद्धजनों के सम्मान की करें तो, बचपन से ही हमें घर में शिक्षा दी जाती है कि हमें अपने से बड़ो का सम्मान करना चाहिए। वरिष्ठजन हमारे घर की नींव होते हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद बहुत भाग्य व… [4:15 am, 17/3/2026] +91 92841 41425: सर जी यह आर्टिकलवरिष्ठजन हमारे घर की नींव- बुजुर्गों का आशीर्वाद बहुत भाग्य वालों को मिलता है आध्यात्मिकता में माता-पिता का सर्वश्रेष्ठ स्थान-बड़े बुजुर्ग वृद्धजन ईश्वर अल्लाह का रूपहम माता-पिता का सम्मान नहीं करते हैं और सिर्फ पूजा-पाठ करते हैं, तो हमें सुख शांतिक़भी नहीं मिलेगी इसपर आधारित है।कृपया उचित लगे तो ज़रूर प्रकाशित करेंगे सरजी धन्यवाद सरजी