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पंजाब/यूटर्न/ 16 मार्च।पंजाब के मोगा के किल्ली चहलां में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बदलाव रैली के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। भाजपा ने इस रैली को सफल बताते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में जुटी भीड़ से विरोधी दलों की टेंशन बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस, जो अब तक भाजपा को हल्के में ले रही थीं, अब खुलकर भाजपा पर हमला करने लगी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी दो दिन में दो बार भाजपा और अमित शाह के खिलाफ बयान दिए। वहीं कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी रैली को फ्लॉप शो बताया। भाजपा का कहना है कि पार्टी अब शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को शहरी क्षेत्रों में अच्छी बढ़त मिली थी और वोट प्रतिशत में भी बढ़ोतरी हुई थी। भाजपा अब बूथ स्तर तक संगठन मजबूत कर रही है, जिससे विरोधी दलों को चिंता हो रही है। दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल फिलहाल “वेट एंड वॉच” की नीति अपना रहे हैं। अमित शाह ने भले ही 2027 विधानसभा चुनाव सभी 117 सीटों पर लड़ने की बात कही हो, लेकिन उनके बयान से अकाली दल के साथ भविष्य में गठबंधन की संभावना भी पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है।