Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 11 March | एक दुर्लभ और जानलेवा प्रसूति आपात स्थिति में मदरहुड चैतन्य हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने 35 वर्षीय महिला में पाए गए अत्यंत असामान्य ट्विन सीज़ेरियन स्कार प्रेग्नेंसी का सफल उपचार कर समय पर पहचान और हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया।श्रीमती रिया (बदला हुआ नाम), जो पहले एक सी-सेक्शन डिलीवरी करा चुकी थीं और जिन्हें गर्भावस्था के मध्य चरण में एक बार गर्भहानि हो चुकी थी, इस बार स्वाभाविक रूप से गर्भवती हुईं। गर्भावस्था के नौवें सप्ताह में की गई शुरुआती अल्ट्रासाउंड जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया — जुड़वां गर्भ पुराने सी-सेक्शन के निशान (स्कार) के भीतर ही विकसित हो रहा था। विशेषज्ञों ने सुरक्षित रूप से गर्भ को हटाकर समय रहते रक्तस्राव नियंत्रित कर लिया और बड़ी आपात स्थिति टाल दी।मामले पर टिप्पणी करते हुए डॉ . हीना चावला , कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजिकल, लैप्रोस्कोपिक एवं ऑन्कोलॉजी सर्जरी, मदरहुड हॉस्पिटल्स, सेक्टर 44, चंडीगढ़ ने कहा,“ट्विन स्कार प्रेग्नेंसी अत्यंत दुर्लभ लेकिन उच्च जोखिम वाली स्थिति है। बिना उपचार के लगभग आधे मामलों में गंभीर रक्तस्राव हो सकता है। इसलिए जिन महिलाओं का पहले सी-सेक्शन हो चुका है, उनके लिए 6–7 सप्ताह में पहली तिमाही का अल्ट्रासाउंड कराना बेहद जरूरी है। समय पर पहचान से हम रक्तस्राव के खतरे को नियंत्रित कर सके और गर्भाशय को सुरक्षित रख पाए। गर्भाशय सुरक्षित रहने का मतलब है कि महिला की भविष्य की प्रजनन क्षमता प्रभावित नहीं होती, जो आगे गर्भधारण की योजना बनाने वाली महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”