Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlinkchambery porn
अमन अरोड़ा ने बच्चों की सुरक्षा के लिए आयु-आधारित सोशल मीडिया उपयोग नियम बनाने की वकालत की - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
पंजाब/ यूटर्न/ 11 मार्च।डिजिटल दुनिया में बच्चों की जरूरत से अधिक रुचि को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार नाबालिगों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर नियम बनाने के लिए यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर प्रचलित अच्छी प्रथाओं का भी मूल्यांकन करेगी। पंजाब विधानसभा में विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह द्वारा पेश किए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि डिजिटल सामग्री का उपयोग आयु-आधारित होना चाहिए। हमें यह तय करना चाहिए कि 8 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए कौन-सी सामग्री उपयुक्त है, 13 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए कौन-सी और 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए कौन-सी सामग्री उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध लगाने से अक्सर प्रतिबंधित चीजों के प्रति बच्चों की मनोवैज्ञानिक रुचि और बढ़ जाती है और ऐसी पाबंदियां कई बार युवाओं को इंटरनेट की अंधेरी दुनिया की ओर भी धकेल सकती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि डिजिटल युग गलत आदतों का माध्यम बनने के बजाय अवसरों का दौर बना रहे। मोबाइल फोन की बढ़ती लत और बच्चों के हानिकारक ऑनलाइन सामग्री के संपर्क में आने की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार की व्यापक “डिजिटल सेफ्टी नेट” रणनीति की रूपरेखा बताते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार, स्कूलों और सबसे महत्वपूर्ण अभिभावकों की भागीदारी वाला सामूहिक प्रयास जरूरी है।