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बड़ा हादसा टला
विभागों में दिखी आपसी खींचतान

नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल
-चरणजीत सिंह चन्न- जगरांव/यूटर्न/10/मार्च। कच्चा मलक रोड स्थित बाबा जीवन सिंह नगर के पास बीती रात एक बड़ा हादसा होने से उस समय टल गया, जब गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए एक खुले गड्ढे में एक बेसहारा सांड गिर गया। मंगलवार सुबह जब लोगों को इसका पता चला और उन्होंने सांड को बाहर निकालने का प्रयास किया, तो गड्ढे से गुजर रही 'थिंक गैस' (Think Gas) की पाइपलाइन से गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस लीक होने से आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल प्रशासन, नगर परिषद और पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए एहतियातन फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर बुला लिया गया। लापरवाही की इंतहा:-विभागों का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप इस घटना ने विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की भारी कमी को उजागर कर दिया है। मौके पर पहुंचे 'थिंक गैस' के कर्मचारियों ने दावा किया कि एक केबल तार बिछाने वाली कंपनी ने अपना काम बाकी होने की बात कहकर उन्हें इस गड्ढे को बंद करने से रोका था। दूसरी ओर, जब केबल कंपनी के कर्मचारियों से बात की गई, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह गड्ढा उनके कारण नहीं, बल्कि बीएसएनएल (BSNL) के अधूरे काम के कारण खुला पड़ा है। मौके पर सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए एक-दूसरे को कसूरवार ठहराते नजर आए। प्रशासनिक अधिकारियों का सख्त रुख सिविल प्रशासन:-मौके पर पहुंचे तहसीलदार वरिंदर भाटिया ने स्पष्ट किया कि गैस रिसाव की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की गई और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया गया है। उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि गनीमत रही कि कोई जानी या माली नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने इसे एक 'बड़ी लापरवाही' करार देते हुए कहा कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी और जो भी विभाग या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस प्रशासन:-मौके पर पहुंचे एसपी (SP) राजन शर्मा ने बताया कि पुलिस और सिविल प्रशासन की टीमें मिलकर इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं ताकि जवाबदेही तय की जा सके। नगर परिषद की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने नगर परिषद के नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष कंवरपाल सिंह को इस रोड पर खुले पड़े गड्ढों के बारे में कई बार अवगत कराया था और आगाह किया था कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। इसके बावजूद उनकी ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। जब इस संबंध में मीडिया ने कार्यवाहक अध्यक्ष कंवरपाल सिंह से बात की, तो उन्होंने यह कहकर बचाव करने की कोशिश की कि उनकी नियुक्ति नई है और यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने मीडिया के कैमरे के सामने ही उनके दावे को झुठलाते हुए स्पष्ट कहा कि वे खुद उन्हें कई बार इस समस्या से अवगत करा चुके हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के इन तीखे बयानों ने नगर परिषद अध्यक्ष की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सांड का किया गया सफल रेस्क्यू:-गौरतलब है कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच, गड्ढे में गिरे बेसहारा सांड को 'हरी सेवा सोसायटी' के सदस्यों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाल (रेस्क्यू कर) लिया गया और उसे आवश्यक इलाज के लिए भेज दिया गया है।