2 हजार रुपये में बेच रहा था संरक्षित प्रजाति का कछुआ, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
अजीत झा.
चंडीगढ़ 18 Feb । शहर में संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन एवं वन्यजीव विभाग ने दुर्लभ प्रजाति के इंडियन रूफ्ड ट्रटल (इंडियन रूफ्ड टर्टल) की अवैध बिक्री के आरोप में एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान लवप्रीत धीमान के रूप में हुई है।
उसके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस के थाना सेक्टर-36 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
शिकायत के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार पीपल For एनिमल्स (पीएफए) ने वन एवं वन्यजीव विभाग को शिकायत दी थी कि शहर में संरक्षित कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही है। शिकायत के आधार पर मामला पुलिस को सौंपा गया।
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कजहेड़ी क्षेत्र में ट्रैप लगाकर आरोपी को 2000 रुपये में कछुआ बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से इंडियन रूफ्ड टर्टल को बरामद कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
इंडियन रूफ्ड टर्टल भारत में पाई जाने वाली एक संरक्षित मीठे पानी की कछुआ प्रजाति है, जिसकी अवैध बिक्री और तस्करी पर कड़ी सजा का प्रावधान है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त एक संगीन अपराध है और ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह कछुआ कहां से लाया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वन्यजीवों की अवैध बिक्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।शहर में बढ़ते वन्यजीव अपराधों के बीच यह कार्रवाई एक अहम संदेश मानी जा रही है।