Advertisement
uturntime
Breaking
22 फरवरी को बीजेपी दफ्तरों और विधायकों के घरों के बाहर रोष प्रदर्शन की घोषणा स्वदेशीकरण की प्रथम सीढ़ी परिवार -निहारिका गर्ग* पटियाला चौक और रमाडा होटल के पास नाकेबंदी, 103 वाहनों के काटे चालान किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक 2026 : 12 साल बाद बैलगाड़ी दौड़ें फिर से शुरू ईसी ने 16 मार्च को 37 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव की घोषणा की, क्योंकि बड़े नेताओं का कार्यकाल खत्म होने वाला है इस बार पीएम मोदी और फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों ने कार राइड की फोटो शेयर की, पहले रूसी प्रेसिडेंट संग फोटो आई थी सामने 2019 चंडीगढ़ प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस में लॉरेंस बिश्नोई बरी पीएम मोदी 19 फरवरी को भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करेंगे, पिचाई से भी मुलाकात हुई *पीएयू में लगने वाला नौ दिवसीय स्वदेशी मेला वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को बढ़ावा देने वाला होगा साबित-राकेश कपूर लुधियाना प्रदर्शनी केंद्र, साहनेवाल में 20 से 23 फरवरी 2026 तक होगा मैक ऑटो एक्सपो का 15वां एडिशन भाजपा चंडीगढ़ के विभिन्न मोर्चों द्वारा ‘बजट संवाद’ का आयोजन इंडियन रूफ्ड टर्टल की अवैध बिक्री का भंडाफोड़, युवक रंगे हाथों गिरफ्तार
Logo
uturntime
2 हजार रुपये में बेच रहा था संरक्षित प्रजाति का कछुआ, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
अजीत झा. चंडीगढ़ 18 Feb । शहर में संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन एवं वन्यजीव विभाग ने दुर्लभ प्रजाति के इंडियन रूफ्ड ट्रटल (इंडियन रूफ्ड टर्टल) की अवैध बिक्री के आरोप में एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान लवप्रीत धीमान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस के थाना सेक्टर-36 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई जानकारी के अनुसार पीपल For एनिमल्स (पीएफए) ने वन एवं वन्यजीव विभाग को शिकायत दी थी कि शहर में संरक्षित कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही है। शिकायत के आधार पर मामला पुलिस को सौंपा गया। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कजहेड़ी क्षेत्र में ट्रैप लगाकर आरोपी को 2000 रुपये में कछुआ बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से इंडियन रूफ्ड टर्टल को बरामद कर सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। इंडियन रूफ्ड टर्टल भारत में पाई जाने वाली एक संरक्षित मीठे पानी की कछुआ प्रजाति है, जिसकी अवैध बिक्री और तस्करी पर कड़ी सजा का प्रावधान है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर जेल और भारी जुर्माना हो सकता है। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त एक संगीन अपराध है और ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह कछुआ कहां से लाया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वन्यजीवों की अवैध बिक्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।शहर में बढ़ते वन्यजीव अपराधों के बीच यह कार्रवाई एक अहम संदेश मानी जा रही है।