अहमदाबाद 12 Feb : 12 जून अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान AI-171 (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर) मामले में नई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों ने विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, भारत की आधिकारिक जांच एजेंसी ने इन दावों को अभी तक प्रमाणित नहीं माना है।
हाल ही में एक इटैलियन अखबार ने दावा किया कि जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि विमान के एक पायलट ने कथित रूप से इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच “RUN” से “CUT OFF” स्थिति में कर दिए थे, जिससे दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति रुक गई और विमान ने शक्ति खो दी। रिपोर्ट में इसे तकनीकी खराबी नहीं बल्कि मानवीय हस्तक्षेप बताया गया है।
क्या कहती हैं मीडिया रिपोर्टें
विदेशी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति सुनाई देती है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?”
हालांकि, ये दावे आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं किए गए हैं।
AAIB का आधिकारिक रुख
भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने इन रिपोर्टों को “अटकलबाजी और अपुष्ट” करार दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं निकाला गया है और जांच प्रक्रिया जारी है।
AAIB ने यह भी कहा है कि अंतिम रिपोर्ट जारी होने तक किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया था
प्रारंभिक रिपोर्ट में पुष्टि की गई थी कि उड़ान भरने के तुरंत बाद दोनों इंजनों की थ्रस्ट (शक्ति) खत्म हो गई थी।
इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच “CUT OFF” स्थिति में पाए गए थे।
हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि यह बदलाव जानबूझकर किया गया, गलती से हुआ या किसी अन्य तकनीकी कारण से।
विशेषज्ञों के अनुसार, फ्यूल कंट्रोल स्विच सुरक्षित (गार्डेड) होते हैं और उन्हें बदलने के लिए सोच-समझकर कार्रवाई करनी पड़ती है, लेकिन बिना अंतिम तकनीकी विश्लेषण के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
हादसे की पृष्ठभूमि
लंदन जा रही इस उड़ान के दुर्घटनाग्रस्त होने से विमान में सवार लगभग सभी यात्रियों की मृत्यु हो गई थी, जबकि जमीन पर भी कई लोग प्रभावित हुए थे। यह हाल के वर्षों में भारत की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
निष्कर्ष
वर्तमान में पायलट द्वारा जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किए जाने का दावा केवल कुछ मीडिया रिपोर्टों तक सीमित है। भारतीय जांच एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। अंतिम और आधिकारिक कारण AAIB की विस्तृत रिपोर्ट जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।