चंडीगढ़/मुंबई, 12 फरवरी : मुंबई एयरपोर्ट के कस्टम अधिकारियों ने हाल ही में ज़ब्त किए गए 35 किरपानों और गात्रों को सिख प्रतिनिधियों को वापस सौंप दिया है। यह फैसला ‘सत श्री अकाल वेलफेयर ट्रस्ट’ और अन्य सिख संस्थाओं के लगातार प्रयासों का नतीजा है।
ये किरपान सुरक्षा जांच के दौरान हवाई सुरक्षा नियमों (आकार या अन्य मानकों) के कारण अस्थायी रूप से ज़ब्त किए गए थे। ट्रस्ट के सचिव पूरन सिंह बंगा ने बताया कि कई बार यात्री अनजाने में या जल्दीबाज़ी में किरपान एयरपोर्ट पर छोड़ देते हैं। अब इन वस्तुओं की पहचान कर उन्हें संबंधित परिवारों को लौटा दिया जाएगा या मर्यादा के अनुसार प्रबंध किया जाएगा।
कस्टम विभाग ने पवित्र कुरान, बाइबिल और ‘जमज़म’ पानी की बोतलों को भी यात्री प्रतिनिधियों को लौटाया। इस घटना ने हवाई सुरक्षा नियम और संविधान की धारा 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) के बीच संतुलन पर बहस को फिर से उजागर किया।
श्री अकाल तख्त और सिख चिंतकों का कहना है कि एयरपोर्ट पर कठोर सुरक्षा नियम और किरपानों या खंडे वाले लाकटे पहनने पर रोक सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। अधिवक्ता हरजीत सिंह गरेवाल के अनुसार, सुरक्षा कर्मचारियों को सिख मर्यादा और ककारों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि जांच के दौरान सम्मान बना रहे।