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जालंधर 11 Feb । केंद्र सरकार के खजाने को चूना लगाने वाले बड़े टैक्स घोटाले का खुलासा करते हुए सेंट्रल जीएसटी कमिश्नरेट जालंधर की एंटी-इवेज़न शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने फर्जी फर्मों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की धोखाधड़ी कर लगभग ₹130.50 करोड़ की GST चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 10 फरवरी 2026 को सेंट्रल जीएसटी कमिश्नरेट जालंधर की टीमों ने CGST एक्ट 2017 के तहत जालंधर में छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। ये छापे फर्जी फर्मों के नेक्सस से जुड़े प्रमुख लोगों के घरों और दफ्तरों में डाले गए। जांच के दौरान 23 फर्जी/डमी फर्मों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए, जिनका टैक्सेबल टर्नओवर करीब ₹1000 करोड़ बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि जसविंदर माही उर्फ हैप्पी ने पूरी प्लैनिंग से फर्जी एवं शैल कंपनियां बनाकर धोखाधड़ी से ITC पास किया और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया। सेंट्रल जीएसटी कमिश्नरेट जालंधर ने मुख्य आरोपी जसविंदर माही उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार कर लिया है। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं, जिनसे नेटवर्क के अन्य सदस्यों के खुलासे की उम्मीद है। CGST विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। हमारी प्राथमिकता है कि ईमानदार करदाताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं और सरकारी राजस्व की सुरक्षा की जाए।” विभाग ने बताया कि जांच जारी है और घोटाले से जुड़े अन्य लोगों व कंपनियों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।