जीरकपुर में चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित रमाडा एनकोर के पास वेलवेट क्लार्क्स की ओर जाने वाली सड़क पर होटल प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर बैरिकेड लगाकर दोपहिया वाहनों की पार्किंग बनाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। नगर परिषद इंस्पेक्टर विपिन कंबोज ने मौके का निरीक्षण कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही है।
जीरकपुर : शहर में सड़क और सार्वजनिक रास्तों पर कथित कब्जों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर रमाडा एनकोर बाय विंधम के पास वेलवेट क्लार्क्स की ओर जाने वाली सड़क पर होटल प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर बैरिकेड लगाकर दोपहिया वाहनों की पार्किंग बनाए जाने का मामला सामने आया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के एक हिस्से पर बैरिकेड लगाए जाने से आम वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि सार्वजनिक आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाली सड़क पर बैरिकेड लगाकर पार्किंग बनाने की अनुमति किस विभाग या अधिकारी की ओर से दी गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जीरकपुर में छोटे दुकानदारों और कारोबारियों द्वारा सड़क पर सामान रखने या रास्ता घेरने पर नगर परिषद की ओर से कार्रवाई की जाती है, लेकिन बड़े होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामलों में कार्रवाई को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। लोगों का आरोप है कि इसी वजह से इस मामले में भी प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने नगर परिषद और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मौके का निरीक्षण करवाकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में बैरिकेड सार्वजनिक सड़क पर बिना अनुमति लगाए पाए जाते हैं तो इन्हें हटाकर रास्ता आम लोगों के लिए खुलवाया जाना चाहिए।
नगर परिषद बोली- मौके का जायजा लेकर होगी कार्रवाई
नगर परिषद जीरकपुर के इंस्पेक्टर विपिन कंबोज ने कहा, “सरकारी सड़क पर कब्जा करने का अधिकार किसी को नहीं है। मौके का जायजा लेकर नियमों के मुताबिक बनती कार्रवाई की जाएगी। इस मामले संबंधी जानकारी हमें आपके माध्यम से प्राप्त हुई है।”