पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने ईडी द्वारा पंजाब के डीजीपी को भेजे गए रेफरेंस पर 13 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग की। सांपला के मुताबिक, ईडी की सामग्री में कथित आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार, गोपनीय सूचनाओं के लीक, तबादलों-नियुक्तियों में हस्तक्षेप, टेंडरों और सरकारी नीतियों में कथित हेरफेर जैसे गंभीर आरोपों के संकेत हैं।
होशियारपुर (दलजीत अजनोहा) : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने ईडी द्वारा पंजाब के डीजीपी को भेजे गए रेफरेंस पर 13 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग की है।
चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांपला ने कहा कि ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत जांच के दौरान मिली सामग्री पंजाब पुलिस को भेजी है, जिसमें कथित संज्ञेय अपराधों के संकेत बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सामग्री में आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार, गोपनीय सरकारी सूचनाओं के लीक, तबादलों-नियुक्तियों में हस्तक्षेप, टेंडरों और सरकारी नीतियों में कथित हेरफेर तथा आर्थिक लाभ से जुड़े मुद्दों का उल्लेख है।
सांपला ने कहा कि ईडी की सामग्री में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक ओएसडी और नितिन गोहल के कथित समन्वय का जिक्र होने से निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उन्हें स्वयं सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए।
सांपला ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने, डिजिटल एवं वित्तीय साक्ष्य सुरक्षित रखने और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की समयबद्ध जांच कराने की मांग की।