चेन्नई के स्टेट कॉलेज सभागार में ‘नशामुक्त तमिलनाडु’ अभियान का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री विजय ने छात्रों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाते हुए स्कूलों और कॉलेजों में नशा एवं तंबाकू मुक्त परिसर बनाने पर जोर दिया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। अभियान के दौरान जागरूकता क्लबों से जुड़े विद्यार्थियों और नशे के खिलाफ बेहतर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कार दिए गए।
चेन्नई (Naren Danu) : तमिलनाडु में मादक पदार्थों के खिलाफ सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को चेन्नई के स्टेट कॉलेज सभागार में मुख्यमंत्री विजय की मौजूदगी में ‘नशामुक्त तमिलनाडु’ अभियान की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली और कॉलेज छात्र शामिल हुए। अभियान का फोकस युवाओं को नशे से दूर रखने और स्कूल-कॉलेज परिसरों को नशा एवं तंबाकू मुक्त बनाने पर रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘तमिल थाई वाज़्थु’ से हुई। मुख्यमंत्री विजय ने छात्रों को नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे नशे की लत से दूर रहेंगे और मादक पदार्थों के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के स्कूलों और कॉलेजों में नशा एवं तंबाकू मुक्त परिसर जागरूकता अभियान का भी शुभारंभ किया। इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को सम्मान सलामी दी गई।
जब्त नशीले पदार्थों पर भी कार्रवाई
‘नशामुक्त तमिलनाडु’ अभियान के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जब्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट करने की राज्यव्यापी कार्रवाई भी शुरू की गई। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चेंगलपट्टू, तिरुनेलवेली, कोयंबटूर और तंजावुर में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किए जाने की कार्रवाई का जायजा लिया।
पुलिसकर्मी और छात्र सम्मानित
कार्यक्रम में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री विजय ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके अलावा एंटी-ड्रग क्लबों के माध्यम से जागरूकता गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल और कॉलेज छात्रों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। सरकार का लक्ष्य राज्यभर में अभियान को व्यापक रूप देना और युवाओं की भागीदारी के जरिए नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक माहौल तैयार करना है।