उत्तराखंड में मंगलवार सुबह से जारी बारिश ने जनजीवन और यातायात व्यवस्था प्रभावित कर दी है। अलकनंदा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया, जबकि कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात रोकना पड़ा। रुड़की में 95 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग ने भारी बारिश और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
देहरादून (Naren Danu) : उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर अपना तेवर दिखाया है। मंगलवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। पहाड़ों में तेज बारिश के साथ नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि कई मार्गों पर पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। अलकनंदा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जिसके बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य में 17 स्थानों पर ऑरेंज और नौ स्थानों पर येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर अलकनंदा
केंद्रीय जल आयोग और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की मंगलवार सुबह 10 बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक अलकनंदा का जलस्तर 627.98 मीटर दर्ज किया गया। नदी का खतरे का स्तर 627 मीटर और चेतावनी स्तर 626 मीटर निर्धारित है।
मंदाकिनी का जलस्तर भी 624.70 मीटर दर्ज किया गया है। लगातार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
मलबे ने कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोकी रफ्तार
बारिश के कारण कई महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-134 सिलाई बैंड, पालीगाड़, दुर्बिल और बनास में बाधित है।
तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग के किमी 68 और 81 पर मलबा-पत्थर आने से आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ में मलबा आने के कारण यातायात पूरी तरह बंद है।
मुनस्यारी-मिलम सीमा मार्ग के किमी 24 पर भी आवाजाही बाधित है। इसके अलावा जोशीमठ-मलारी-नीती एनएच-107बी पर तमकनाला में बैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात बंद कर दिया गया है। संबंधित विभाग मार्गों को जल्द खोलने में जुटे हैं।
रुड़की में 95 मिमी बारिश, देवलथल में 90 मिमी
पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश रुड़की में 95 मिमी दर्ज की गई। पिथौरागढ़ के देवलथल में 90 मिमी, हरिद्वार में 86 मिमी, धारचूला में 85.8 मिमी और किच्छा में 85 मिमी बारिश हुई।
इसके अलावा डीडीहाट में 70.8 मिमी, थल और सोमेश्वर में 70 व 62 मिमी, रोशनाबाद में 62 मिमी तथा उत्तरकाशी में 53 मिमी बारिश दर्ज की गई। मोरी में 42 मिमी, बड़कोट में 26 मिमी, भटवाड़ी में 23 मिमी और पुरोला तथा चिन्यालीसौड़ में 20-20 मिमी वर्षा हुई।
नदियों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
भारी बारिश के बीच प्रशासन ने पर्वतीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में आवाजाही से बचने की अपील की है।
लगातार बारिश के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ-साथ पहाड़ी मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना है। प्रशासन की टीमें बाधित सड़कों को खोलने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने में जुटी हैं।