JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री और डुमरी विधायक ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी वीडियो कॉल के जरिए महतो से बातचीत कर समर्थन जताया। आंदोलनकारी छात्रों ने मांगों के समाधान के लिए सरकार से बातचीत की अपील की।
रांची (Naren Danu) : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सदर अस्पताल में भर्ती महतो का मंगलवार देररात कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल के जरिए हाल जाना। उन्होंने महतो के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
देर रात अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
महतो की तबीयत बिगड़ने की जानकारी के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी देररात सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से छात्र नेता की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और बेहतर इलाज के साथ आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने चिकित्सकों से महतो की नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।
डुमरी विधायक ने भी की मुलाकात
डुमरी विधायक जयराम महतो भी देररात अस्पताल पहुंचे और देवेंद्रनाथ महतो से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से उनके उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर जानकारी ली।
10वें दिन भी जारी भूख हड़ताल
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे देवेंद्रनाथ महतो की भूख हड़ताल मंगलवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गई, जबकि उनका आंदोलन 18वें दिन भी जारी है। लगातार भूख हड़ताल के चलते तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
‘तबीयत बिगड़ी, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा’
महतो के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके समर्थकों और आंदोलनकारी छात्रों की चिंता बढ़ गई है। आंदोलन से जुड़े छात्रों का कहना है कि महतो की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होने के बावजूद उनकी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों ने सरकार से बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने और परीक्षा संबंधी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। अब महतो के स्वास्थ्य और सरकार के साथ संभावित बातचीत, दोनों पर आंदोलनकारियों की नजर बनी हुई है।