चंडीगढ़/यूटर्न/17 जुलाई। कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पूरा समर्थन देने को कहा है। उन्होंने 42 साल पहले की एक कम जानी-पहचानी घटना का ज़िक्र किया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लद्दाख के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर लेह में भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक के पिता, सोनम वांग्याल से मुलाकात की थी। कांग्रेस ने इस मुलाकात को लोकतांत्रिक जुड़ाव का एक उदाहरण बताया और इसकी तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर पर वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल पर केंद्र सरकार की चुप्पी से की।
पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखा पत्र
पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे एक पत्र में सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से वांगचुक का साथ देने की अपील की, जिनकी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भूख हड़ताल अब तीसरे हफ़्ते में प्रवेश कर गई है और उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
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