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महादेव ऐप घोटाले का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट, फर्जी पासपोर्ट बनवाया, कारोबारी साथी की 940 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क - Uturn Time
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लुधियाना/यूटर्न/11 जुलाई। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किया गया है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। अब भारत सरकार उसे वापस लाने के लिए ओमान से प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद महादेव बेटिंग ऐप का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। वहीं ईडी की और से सौरभ के करीबी रायपुर के कारोबारी विकास गर्ग और उनके परिवार की 940 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क कर ली है। विकास द्वारा महादेव बैटिंग ऐप का पैसा अलग अलग कंपनियों में इन्वेस्ट किया जाता था। जूस वाला बना करोड़पति सौरभ चंद्राकर का जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक सामान्य परिवार में हुआ। वे जूस की दुकान चलाता था। लेकिन फिर दुबई चला गया। वहां अपने दोस्त रवि उप्पल को बुला लिया। दोनों ने मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक नाम से ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क तैयार किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दुबई बैठकर उन्होंने भारत समेत कई देशों में ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार चलाया और देखते ही देखते हजारों एजेंटों का नेटवर्क खड़ा कर दिया। महादेव सट्टा ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर, कार्ड गेम और यहां तक कि चुनावों पर भी अवैध सट्टा लगाया जाता था। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क की सबसे मजबूत जड़ें छत्तीसगढ़ में थीं। यहां बड़ी संख्या में बैंक खाते खुलवाए गए। दुबई में 200 करोड़ की शादी फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने दुबई में शादी की। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस शादी में करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए गए। परिवार और मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए प्राइवेट जेट लगाए गए। शादी में लग्जरी होटल बुक किए गए और ग्रैंड सेलिब्रेशन किया गया। शादी में बॉलीवुड एक्टर, सिंगर, एक्ट्रेस ने परफॉर्मेंस दिए। सनी लियोनी, नेहा कक्कड़, एली एवराम, आतिफ असलम, राहत फतेह अली खान, अली असगर, विशाल दादलानी, टाइगर श्रॉफ, भाग्यश्री, पुलकित सम्राट, कृति खरबंदा, नुसरत भरूचा, कृष्णा अभिषेक जैसे दर्जन भर बॉलीवुड सितारों ने परफॉर्म किया। जांच के दौरान ED ने दावा किया कि महादेव ऐप के संचालक पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारी और राजनेताओं तक प्रोटेक्शन मनी पहुंचाई जाती थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वानूआतू की नागरिकता महादेव बेटिंग ऐप मामले में ईडी की कार्रवाई तेज होने के बाद सौरभ चंद्राकर और उसके करीबी सहयोगी रवि उप्पल ने भारत की नागरिकता छोड़कर प्रशांत महासागर के छोटे द्वीपीय देश रिपब्लिक ऑफ वानूआतू की नागरिकता ले ली। इसकी जानकारी करीब 2 साल पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सामने आई थी। वहीं, जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों ने भारत में दर्ज मामलों और कानूनी कार्रवाई से बचने तथा प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को जटिल बनाने के उद्देश्य से विदेशी नागरिकता हासिल की। आलीशान प्रॉपर्टियां हुई कुर्क ईडी अनुसार, कुर्क संपत्तियों में आलीशान आवासीय भवन, विभिन्न स्थानों पर स्थित भूखंड, व्यावसायिक भूमि, इक्विटी शेयर, अन्य प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज), निवेश और वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि ये सभी संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज के जरिए संचालित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं या उसी धन के माध्यम से तैयार की गई वित्तीय संरचना का हिस्सा थीं। शेल कंपनियों में इन्वेस्ट होती थी ब्लैकमनी ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सट्टेबाजी से अर्जित रकम को सीधे उपयोग में नहीं लाया जाता था। इसके लिए पहले नकदी के बदले फर्जी एंट्री तैयार कराई जाती थी। इसके बाद दर्जनों शेल कंपनियों, फर्जी व्यावसायिक लेनदेन और कई स्तरों वाले बैंकिंग ट्रांजेक्शन के जरिए धन को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में स्थानांतरित किया जाता था ताकि उसकी वास्तविक उत्पत्ति छिपाई जा सके। जांच में सामने आया कि इस पूरी प्रक्रिया के जरिए लगभग 940.77 करोड़ रुपये की अपराध की आय विकास गर्ग के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनियों तक पहुंचाई गई। बाद में इन्हीं पैसों का उपयोग शेयर खरीदने, कंपनियों में निवेश करने, प्रतिभूतियां खरीदने, जमीन और अन्य अचल संपत्तियां अर्जित करने में किया गया। ----