मोबाइल पर बातचीत के दौरान हादसा, खुले मैनहोल में गिरकर बुजुर्ग की मौत
मुंबई (नेहाल हसन) : मुंबई के साकीनाका इलाके में एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रखरखाव के लिए खुले छोड़े गए एक मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम इसाक शेख की मौत हो गई। इस हादसे ने बीएमसी (BMC) प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं क्या है पूरा मामला
यह हादसा बीते गुरुवार दोपहर करीब 12:26 बजे खैरानी रोड पर समन होटल और एस.जे. स्टूडियो के पास हुआ। असलम शेख पैदल चल रहे थे और उस दौरान वे अपने मोबाइल फोन पर बातचीत में व्यस्त थे। सड़क पर चल रहे मेंटेनेंस कार्य के कारण एक 25 फुट गहरा मैनहोल खुला छोड़ा गया था। असावधानी के चलते वे सीधे गहरे गड्ढे में समा गए।
मौके पर मौजूद निजी ठेका कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज पानी के बहाव के कारण वे असफल रहे बाद में फायर ब्रिगेड और बीएमसी की टीम ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाकर शव बरामद किया पुलिस और प्रशासन की सक्रियता घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए। ज़ोन 10 के डीसीपी दत्ता नलावडे और साकीनाका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश बा. मांदले अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मूसलाधार बारिश के बावजूद उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की इस पूरी कार्रवाई का मार्गदर्शन मुंबई पुलिस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया जा रहा है, जिनमें मुंबई पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती सह पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) डॉ. श्री मनोज कुमार शर्मा अपर पुलिस आयुक्त (पश्चिम प्रादेशिक विभाग) श्री अभिनव देशमुख पुलिस उपआयुक्त (परिमंडल 10) श्री दत्ता नलावडे और सहायक पुलिस आयुक्त श्री गजानन पवार शामिल हैं साकीनाका के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री अविनाश मांदले ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच चल रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा उन्होंने जोर देते हुए कहा कानून सभी के लिए बराबर है और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधानसभा में उठा मुद्दा यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। भाजपा विधायक अमित साटम ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। मामला महाराष्ट्र विधानसभा में उठने के बाद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं वहीं, मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने घटनास्थल का दौरा कर बीएमसी प्रशासन को घेरा। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही बीएमसी आयुक्त अश्विनी जोशी को पत्र लिखकर खुले मैनहोलों के खतरे से आगाह किया था, लेकिन प्रशासन की अनदेखी ने एक व्यक्ति की जान ले ली।
सुरक्षा में बड़ी चूक
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मैनहोल के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए थे। जनता के लिए महत्वपूर्ण सूचना इस घटना के बाद प्रशासन और साकीनाका के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश मांदले और विभाग के लोग जनता से आग्रह करते हैं कि सड़कों पर चलते समय सावधानी बरतें: खासकर बारिश के मौसम में, जब जलभराव के कारण गड्ढों का पता नहीं चल पाता।मोबाइल के उपयोग में सतर्कता: पैदल चलते समय फोन पर बात करने या सोशल मीडिया का उपयोग करने से बचें, ताकि आप अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक रह सकें।सुरक्षा नियमों का पालन: किसी भी निर्माण स्थल के पास से गुजरते समय सतर्क रहें और बैरिकेडिंग का ध्यान रखें। फिलहाल, स्थानीय पुलिस और बीएमसी की टीमें इस जानलेवा लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया में जुटी हैं।