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पंजाब/यूटर्न/3 जुलाई। बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के बाद अब पंजाब कांग्रेस में भी टूट के आसार हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराज पूर्व सीएम और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने घर पर 4 विधायकों समेत 50 पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग की। मीटिंग के बाद मीडिया को विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा ने कहा कि सभी नेताओं ने चन्नी से मांग की है कि वे सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग को पंजाब प्रधान बनाए जाने पर वे हाईकमान से बात करें। सभी नेता इस फैसले से नाराज हैं और हाईकमान इस फैसले पर रिकंसीडर करे। मीटिंग के बाद चन्नी का पहला बयान आया। जिसमें चन्नी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की लीडरशिप ने मेरे घर में आकर पंजाब के लोगों की भावनाओं को हाईकमान के आगे रखने की अपील की। इस बीच भाजपा के पंजाब प्रधान केवल ढिल्लों ने कहा कि चन्नी अगर भाजपा में आते हैं तो उनका स्वागत है। कांग्रेस में मचे इस घमासान के बीच पार्टी के पंजाब प्रभारी व छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल शनिवार को चंडीगढ़ आ सकते हैं। आखिर चन्नी खेमा नाराज क्यों? दरअसल, वड़िंग की प्रधानगी में कांग्रेस तरनतारन उपचुनाव और निकाय चुनाव हारी। इसके बाद वड़िंग को हटाने की मांग उठी। कांग्रेस की मीटिंग में चरणजीत चन्नी का नाम कांग्रेस प्रमुख के लिए फाइनल हो गया। इसे अचानक बदलते हुए वड़िंग को पद पर बरकरार रखा। चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बना दिया। चन्नी इससे नाराज हुए और हाईकमान का धन्यवाद तक नहीं किया। चन्नी के एक करीबी ने बताया कि चन्नी ने आर-पार की लड़ाई का फैसला कर लिया है। मीटिंग के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सीनियर लीडर्स की कमेटी बना दी है। लोगों की भावना हाईकमान के फैसलों में रिफलेक्ट नहीं हुई। अगर चन्नी को प्रदेश प्रमुख नहीं बनाया तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकती। लोग चन्नी को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। चन्नी की मीटिंग ये बड़े नेता पहुंचे पूर्व सीएम चन्नी के घर हुई मीटिंग में कई सीनियर लीडर शामिल रहे। जिसमें विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा, बरनाला विधायक काला ढिल्लों, कपूरथला विधायक राणा गुरजीत, राजासांसी विधायक सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, गुरकीरत कोटली, पूर्व विधायक गुरप्रीत कांगड़ शामिल थे। इनके अलावा नाजर सिंह मानशाहिया, पूर्व विधायक परमिंदर सिंह पिंकी, दविंदर सिंह घुबाया, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर ढिल्लो, कमलजीत कड़वल और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक, पूर्व विधायक जोगगिंदर पाल, दिनेश बस्सी, दलबीर गोल्डी, पूर्व विधायक पिरमल सिंह और सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी मौजूद थे। हाईकमान का फैसला मानना चाहिए- पूर्व विधायक मौजूदा प्रधान राजा वड़िंग के समर्थक लुधियाना हल्का गिल से पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद ने कहा कि हाईकमान ने जो फैसला दिया है, सभी नेताओं को उसे मानना चाहिए। पहले पंजाब में सरकार बनानी चाहिए। उसके बाद आगे की बात करनी चाहिए। नए वर्किंग प्रधान संगत सिंह गिलजियां ने कहा- अजय माकन की कमेटी की रिपोर्ट में चन्नी का नाम सबसे ऊपर था, लेकिन मैं पार्टी के साथ हूं। कांग्रेसी सांसद शाह से मिले गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। वे भाजपा के राज्यसभा सांसद तरूण चुघ के साथ नजर आए। इस मुलाकात को उन्होंने पहले से तय बताया। कहा कि पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रखा था। वहीं रंधावा ने यह भी कहा कि कांग्रेस में माहौल ठीक नहीं है।