इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा में रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और तकनीकी सहयोग पर रहेगा फोकस
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई तक हिंद-प्रशांत क्षेत्र के तीन देशों—इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड—की छह दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव न्यूजीलैंड होगा, जहां 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा होने जा रही है। इससे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1986 में न्यूजीलैंड का दौरा किया था।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री 8 और 9 जुलाई को इंडोनेशिया, 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे।
इंडोनेशिया में सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग पर जोर
इंडोनेशिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यक्रम राजधानी जकार्ता में होगा। इसके अलावा वे ऐतिहासिक शहर योग्याकार्ता का भी दौरा करेंगे और विश्व प्रसिद्ध प्रंबानन मंदिर परिसर जाएंगे। भारत और इंडोनेशिया विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।
ऑस्ट्रेलिया में तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
10 जुलाई को प्रधानमंत्री मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। बैठक में महत्वपूर्ण खनिज, साइबर सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, उभरती प्रौद्योगिकी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
40 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचेंगे भारतीय प्रधानमंत्री
ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड जाएंगे, जहां उनकी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1986 के बाद पहली न्यूजीलैंड यात्रा होगी, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।