Uturn Time
Breaking
Ludhiana: कार्यकर्ताओं में जोश भरते नितिन नबीन, 117 सीटों पर तैयारी का संदेश Bhopal: मध्य प्रदेश में फिशरीज सेक्टर में भारी निवेश, 9000 करोड़ रुपये की योजना New Delhi: राज्यसभा में नीरज डांगी का शपथ ग्रहण, सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने दिलाई शपथ New Delhi: CBI का बड़ा एक्शन, रिलायंस ADA ग्रुप से जुड़े मामलों में दो पूर्व CEOs गिरफ्तार New Delhi: BRICS बैठक से पहले डोभाल ने ईरान और इथियोपिया के नेताओं से की चर्चा New Delhi: लखनऊ हादसे पर पीएम मोदी की संवेदना, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की सहायता Lucknow: लखनऊ हादसे पर सीएम योगी का बड़ा फैसला, सभी तय कार्यक्रम किए निरस्त Lucknow: कोचिंग सेंटर में आग से कोहराम, लखनऊ में कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ Jagraon: बीजेपी का माइक्रो मैनेजमेंट प्लान, नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का सूत्र Kurukshetra: भारतीय योग संस्थान हरियाणा के संगठन मंत्री गुलशन कुमार ग्रोवर को माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा ने  किया सम्मानित  Ayodhya: श्रद्धा की नगरी में दान पर विवाद, पारदर्शिता पर खड़ा हुआ बड़ा प्रश्न Kurukshetra: शिवम कंप्यूटर्स राजस्थान ने जीता ड्रीम टेनिस क्रिकेट लीग का खिताब, 21 लाख की इनामी राशि पर किया कब्जा
Logo
Uturn Time
रिलायंस ADA केस में शिकंजा, CBI ने पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस एडीए समूह से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व सीईओ देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व सीईओ रविंद्र सुधालकर को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अनुसार, आरसीएफएल मामले में आरोपियों ने 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को करीब 4097 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया, जबकि आरएचएफएल मामले में 10 बैंकों को 3526 करोड़ रुपये की हानि हुई। इस प्रकार कुल कथित नुकसान 7623 करोड़ रुपये आंका गया है। जांच में पाया गया कि दोनों अधिकारियों ने अपने कार्यकाल के दौरान नियामकीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए संदिग्ध मध्यस्थ और कंडुइट कंपनियों को बड़े पैमाने पर ऋण मंजूर किए। ये मंजूरियां कंपनी की आंतरिक नीतियों, आरबीआई और एनएचबी के नियमों तथा बैंकों से लिए गए कर्ज की शर्तों के विपरीत थीं। एजेंसी के अनुसार, इन ऋणों के जरिए प्राप्त धन को समूह की अन्य कंपनियों—रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड—में स्थानांतरित किया गया, जिससे संबंधित संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुंचा। सीबीआई ने इस प्रकरण में रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस टेलीकॉम के खिलाफ कुल सात प्राथमिकी दर्ज की हैं। ये मामले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए हैं। एजेंसी ने बताया कि इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जारी है। अब तक इस प्रकरण में पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले 29 मई को आरकॉम मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जिसमें कंपनी समेत 16 आरोपियों को नामजद किया गया था। सीबीआई ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।