हरियाणा के किसानों को मिली बड़ी सौगात, पीएम किसान की किस्त जारी
चंडीगढ़ (Narendra Singh Dnau) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
पंचकूला में आयोजित राज्यस्तरीय पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ प्रधानमंत्री का पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से लाइव संबोधन सुना। इस दौरान केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.44 करोड़ किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
इसमें हरियाणा के 15.95 लाख किसानों को 319 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक राज्य के किसानों को 23 किस्तों के जरिए कुल 7,881 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिल चुकी है, जो बिना किसी बिचौलिए के सीधे खातों में पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पहले किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक ने व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। “अब किसान को सम्मान के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता, उसका हक सीधे खाते में पहुंचता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों के लिए एमएसपी पर 24 फसलों की खरीद सुनिश्चित कर रही है और पिछले 12 सीजन में 12 लाख किसानों को 1.80 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में शुरू की गई योजना के तहत करीब 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि का पंजीकरण कराया है। साथ ही 44 हजार एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का सत्यापन किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में 2,000 एकड़ के क्लस्टर पर “स्मार्ट एग्रीकल्चर” मॉडल शुरू किया जाएगा, जिसमें किसानों को नुकसान होने पर सरकार भरपाई करेगी। इसके अलावा किसानों से अपील की गई कि वे यूरिया और कीटनाशकों का कम उपयोग करें, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव कम किए जा सकें।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने भी पीएम किसान योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे देशभर के किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ वातावरण बनाने का आह्वान किया।