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जगत प्रकाश नड्डा का सख्त रुख, टीबी के मामलों की पहचान के लिए जांच बढ़ाने के निर्देश
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : देश को टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिया कि “टीबी का एक भी मरीज छूटना नहीं चाहिए।” कर्तव्य भवन में आयोजित बैठक में नड्डा ने कहा कि टीबी से होने वाली मौतों में कमी लाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से अपील की कि अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और छूटे हुए मरीजों तक हर हाल में पहुंच बनाई जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2024 से चलाए जा रहे 100 दिवसीय सघन अभियान के तहत अब तक 28 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसके अलावा 20 लाख लोगों को टीबी से बचाव के लिए निवारक उपचार दिया गया है और 5.7 लाख नए “निक्षय मित्र” इस अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की तैनाती से जांच की रफ्तार बढ़ी है और एक्स-रे जांच में 34 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे नए मामलों की पहचान तेजी से हो रही है। दूसरे चरण के तहत 24 मार्च 2026 से अब तक 1.7 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनके जरिए 1.2 लाख से अधिक उच्च जोखिम वाले गांवों और क्षेत्रों को कवर किया गया है। नड्डा ने यह भी बताया कि इस अभियान में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और 1.9 लाख से अधिक “माई भारत” स्वयंसेवक जागरूकता और मरीजों की सहायता में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द देश को टीबी मुक्त बनाना है और इसके लिए राज्यों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और आम जनता के सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है।