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चंडीगढ़/यूटर्न/19 जून। शुक्रवार को पंचकूला की एक अदालत ने हरियाणा के आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को 657 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के मामले में तीन दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। आरके सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। उन पर चंडीगढ़ के सेक्टर 32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में मौजूद पंचकूला नगर निगम के बैंक खाते से 79 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम निकालने में शामिल होने का आरोप है। 657 करोड़ रुपये के इस घोटाले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के अधिकारी शामिल थे। इन्होंने आईएएस अधिकारियों समेत सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के बैंक खातों से पैसे निकाले थे। जहाँ सीबीआई ने नुकसान की रकम 657 करोड़ रुपये बताई है, वहीं इस घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दावा है कि नुकसान 645 करोड़ रुपये का हुआ है। कौन हैं राम कुमार सिंह? राम कुमार सिंह 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) से आईएएस सेवा में प्रमोट किया गया था। घोटाले में नाम आने के बाद, हरियाणा सरकार ने उन्हें 8 अप्रैल को सस्पेंड कर दिया था। उनके साथ 2011 बैच के एक और आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को भी सस्पेंड किया गया था, जिन पर भी इसमें शामिल होने का आरोप था। राम कुमार सिंह ने 26 अक्टूबर 2020 से 12 मई 2021 तक और फिर 10 जुलाई 2025 से 28 जनवरी 2026 तक पंचकूला नगर निगम कमिश्नर के तौर पर काम किया। सीबीआई के मुताबिक, एमसी पंचकूला मामले में चंडीगढ़ के सेक्टर 32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से 79.46 करोड़ रुपये निकाले गए थे। नियमों का उल्लंघन कर खोला खाता सीबीआई ने कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में MC पंचकूला का खाता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के मौजूदा नियमों का उल्लंघन करके खोला गया था। सीबीआई का दावा है कि अकाउंट खोलने वाले फ़ॉर्म में जानकारी इस तरह भरी गई थी कि बाद में किए जाने वाले धोखाधड़ी वाले ट्रांज़ैक्शन छिपे रहें। आईडीएफसी फ़र्स्ट बैंक के आरोपी अधिकारियों के साथ हुई मिलीभगत के तहत, एमसी पंचकूला के कमिश्नर आईएएस RK सिंह ने फ़िक्स्ड डिपॉज़िट (एफडी) खुलवाने के बहाने बिचौलियों के ज़रिए बैंक अधिकारियों को कई साइन किए हुए चेक सौंपे। इन चेकों का इस्तेमाल करके पैसे निकाले गए, लेकिन कोई एफडी नहीं खोली गई। निकाली गई रकम को आरोपी बैंक अधिकारियों द्वारा कंट्रोल और ऑपरेट की जाने वाली शेल कंपनियों (फ़र्ज़ी कंपनियों) में भेज दिया गया। आरके सिंह के घरों की तलाशी ली सीबीआई ने दावा किया कि चंडीगढ़ और करनाल (हरियाणा) में आरके सिंह के घरों की भी तलाशी ली गई और कई अहम दस्तावेज़ बरामद किए गए। एजेंसी ने आगे कहा कि यह गबन एमसी पंचकूला के तत्कालीन कमिश्नर और सीनियर अकाउंटेंट की जानकारी और उनकी सक्रिय भागीदारी से किया गया था। इससे पहले, सीबीआई ने इस मामले में सीनियर अकाउंटेंट सुरिंदर जैन को गिरफ़्तार किया था। ----