उद्योग हितों को लेकर फीको सक्रिय, डीआईसी जीएम से की मुलाकात
लुधियाना: फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन (फीको) का एक प्रतिनिधिमंडल, फीको के अध्यक्ष सरदार गुरमीत सिंह कुलार के नेतृत्व में, जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), लुधियाना के नव नियुक्त महाप्रबंधक श्री सुखविंदर सिंह रैखी से मिला और औद्योगिक बिरादरी की ओर से उनका स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में उद्योग जगत की समस्याओं और अपेक्षाओं को उचित प्राथमिकता मिलेगी।
बैठक के दौरान फीको ने पंजाब के उद्योगों को प्रभावित कर रहे कई लंबित एवं महत्वपूर्ण मुद्दों संबंधी एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बढ़ती लागत, कार्यशील पूंजी की समस्याओं तथा पड़ोसी राज्यों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच उद्योगों के विकास, रोजगार सृजन और निवेश को बनाए रखने के लिए तत्काल नीतिगत एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक है।
सरदार गुरमीत सिंह कुलार ने कहा कि पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था, निर्यात तथा रोजगार सृजन में हमेशा से महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। हालांकि, कई नीतिगत एवं प्रक्रियागत बाधाएं विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रभावित कर रही हैं। फीको ने सरकार से आग्रह किया कि इन मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए ताकि पंजाब के औद्योगिक वातावरण को मजबूत बनाया जा सके और राज्य में कारोबार करने में सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिले। उन्होंने बताया कि फीको उद्योगों की तकनीकी क्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने की पहल करेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे उठाए:
1. जीएसटी रिफंड का समयबद्ध भुगतान
फीको ने विशेष रूप से इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के कारण लंबित जीएसटी रिफंड पर चिंता व्यक्त की। साइकिल, सिलाई मशीन और कृषि उपकरण उद्योगों में कच्चे माल पर 18% जीएसटी तथा तैयार माल पर 5% जीएसटी लागू होने से उद्योगों की बड़ी राशि फंस रही है। फीको ने स्वचालित एवं समयबद्ध रिफंड प्रणाली लागू करने की मांग की।
2. पीएसआईईसी के अंतर्गत गैर-अधिग्रहित प्लॉटों को डी-नोटिफाई करना
फीको ने मांग की कि पीएसआईईसी लेआउट में शामिल ऐसे प्लॉट एवं खसरा नंबर, जिन्हें कभी अधिग्रहित नहीं किया गया और जिनके बदले कोई मुआवजा नहीं दिया गया, उन्हें डी-नोटिफाई किया जाए ताकि वास्तविक मालिक वहां उद्योग स्थापित कर सकें।
3. पंजाब में प्रोफेशनल टैक्स समाप्त किया जाए
फीको ने पंजाब सरकार से ₹200 प्रतिमाह प्रोफेशनल टैक्स को समाप्त करने की मांग की। संगठन ने कहा कि यह उद्योगपतियों, कर्मचारियों, पेशेवरों एवं एमएसएमई पर अनावश्यक वित्तीय और अनुपालन बोझ डालता है।
4. साइकिल, सिलाई मशीन, गारमेंट एवं कृषि उपकरण उद्योगों को पुनः थ्रस्ट सेक्टर में शामिल किया जाए
फीको ने प्रस्तावित पंजाब औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 के तहत इन उद्योगों को थ्रस्ट सेक्टर से बाहर किए जाने का कड़ा विरोध किया और इन्हें पुनः थ्रस्ट सेक्टर में शामिल करने की मांग की।
5. बिजली पर आईडीएफ छूट बहाल की जाए
फीको ने औद्योगिक नीति 2026 के तहत समाप्त की गई इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (आईडीएफ) छूट को पुनः बहाल करने की मांग की। संगठन ने कहा कि इससे बिजली की लागत बढ़ेगी और पंजाब के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी।
6. मालेरकोटला रोड, लुधियाना स्थित मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को एनओसी प्रदान की जाए
फीको ने मालेरकोटला रोड पर स्थित पुरानी औद्योगिक इकाइयों, विशेषकर ऑरेंज एवं रेड श्रेणी की इकाइयों को एनओसी प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाया। संगठन ने 2007 से पूर्व स्थापित इकाइयों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
श्री सुखविंदर सिंह रैखी ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना तथा आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए विषयों को उचित विचार एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों के समक्ष भेजा जाएगा।
बैठक में सरदार गुरमीत सिंह कुलार, अध्यक्ष फीको; सरदार अवतार सिंह भगोल, कन्वीनर यूसीपीएमए; श्री राजीव जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष फीको; सरदार अशप्रीत सिंह साहनी, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी फीको; सरदार गगनीश सिंह खुराना, प्रमुख कृषि उपकरण प्रभाग फीको; सरदार इंदरजीत सिंह नवयुग; सरदार सुरिंदर पाल सिंह; श्री सत्य पाल सैनी तथा सरदार सुखविंदर सिंह मेगसन उपस्थित थे।
जारीकर्ता:
मंजींदर सिंह सचदेवा
महासचिव, फीको