Uturn Time
Breaking
Chandigarh: हरियाणा के राज्यपाल से मिले 2025 बैच के आईएएस प्रोबेशन Chandigarh: हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य निर्वाचन आयुक्त Chandigarh: तमिलनाडु की सियासत में हलचल, विजय ने किया सरकार बनाने का दावा Ludhiana: पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही प्रवासियों का पलायन, पंजाब के लिए बन सकती है बड़ी चुनौती New Delhi: प्रशासन का सख्त कदम, घाटों पर बने 310 घरों को खाली करने का आदेश Ludhiana: गवर्नर को लिखे पत्र की यूनिवर्सिटी में जांच शुरू Derabassi: डेराबस्सी के सारधा माता मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू New Delhi: एनसीसी-एनएसएस छात्रों को कुलपति ने किया सम्मानित Jagraon: नगर परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने कसी कमर Jagraon: जी.एच.जी अकादमी में 'पूल पार्टी' और 'जॉय राइड्स' की धूम Chandigarh: तीन राज्यों में भाजपा की जीत पर अरुण सूद को बधाई, महासभा ने जताई खुशी Jagran: पंजाब में सफाई कर्मियों का हल्ला बोल: दूसरे दिन थमा नगरों का पहिया
Logo
Uturn Time
"वाइस चांसलर की नियुक्ति के चार महीने पहले ही कैंपस में हलचल का दौर शुरू"
लुधियाना (अशोक सहगल): पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर की नियुक्ति के 4 महीने पहले ही यूनिवर्सिटी में इस नियुक्ति को लेकर काफी गहमागहमी शुरू हो गई है इसी कड़ी में किसी ने गवर्नर को पत्र लिखकर वर्तमान वाइस चांसलर को एक्सटेंशन ना देने की बात कर डाली हालाकि पत्र को लेकर यूनिवर्सिटी में काफी चर्चाएं जारी है और इस पत्र की जांच शुरू हो गई है जिसे लेकर आज भी माहौल काफी सरगर्म रहा। ब्यूटीफिकेशन के नाम पर पेड़ों को काटने का मामला: यूनिवर्सिटी में ब्यूटीफिकेशन को लेकर पेड़ों को काटने का मामला फिर से चर्चा में आ गया है इसके तहत 94 पेड़ों को काटने की योजना बनाई गई थी ताकि सड़कों को खुला कर दिया जाए जिसे लेकर यूनिवर्सिटी में स्टूडेंटस और कर्मचारियों द्वारा विरोध शुरू हो गया हालांकि एस्टेट अफसर द्वारा भी इस कार्य के लिए मंजूरी दे दी गई थी और इस सिलसिले में वन विभाग तथा संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख दिया था। सूत्र बताते हैं कि फिर भी कुछ पेड़ों की पहले छटनी कर दी गई और बाद में उसे काट दिया गया। मैस के खाने में निकले कीड़े, पर दबा दिया मामला: 15 नंबर हॉस्टल में खाने में कीड़े निकालने पर खूब हो हल्ला किया गया परंतु बाद में राजनीतिक हस्तक्षेप से इस मामले को दबा दिया गया इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग को सैंपल करने के लिए नहीं कहा गया बताया जाता है कि मैस में किसी राजनीतिक के करीबी की बेनामी हिस्सेदारी है रिसर्च होती है यूनिवर्सिटी में,बीज होते हैं बाजार में लॉन्च: पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी का विश्व भर में आदर्श से नाम लिया जाता है परंतु यूनिवर्सिटी के भीतर जो रिसर्च कार्य चलते हैं उसकी फाइंडिंग बाजार में लॉन्च हो जाती है यानी यूनिवर्सिटी जो अधिक पैदावार को लेकर बीज तैयार करती है उसकी ब्रीडिंग यूनिवर्सिटी में से चोरी हो जाती है और बाहर वाले उन बीजों को पहले ही लॉन्च कर देते हैं । इसी तरह अगर यूनिवर्सिटी में नर्सरी की हालत देखी जाए तो लोगों को अधिकतर फूलों की किसमे नहीं मिलती जबकि यूनिवर्सिटी के भीतर सजावट के लिए हर चौक में से फूल मिल जाते हैं यह यूनिवर्सिटी की नर्सरी में नहीं होते। यहां तक कि कर्मचारियों को भी अपने घरों में फूलों के पौधे लगाने के लिए यूनिवर्सिटी के सामने स्थित मार्केट में से फूलों की पनीरी लानी पड़ती है। राज्यपाल की नहीं मुख्यमंत्री की चलती है वीसी की तेनाती में: पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर की पोस्ट को राजनीतिक पोस्ट कहा जाता है क्योंकि इसमें राज्यपाल की नहीं सरकार द्वारा गठित बोर्ड का फैसला ही मान्य होता है इसलिए बोर्ड की मीटिंग में फैसला किया जाता है कि वाइस चांसलर किसे लगाया जाए अगर सरकार द्वारा गठित बोर्ड में कोई सदस्य एतराज पेश कर दे फिर उसके बाद यह मामला राज्यपाल के पास जाता है अथवा सरकार इस पोस्ट का फैसला करती है। नियुक्तियों में सरकारी हस्तक्षेप से नहीं इनकार: पंजाबी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों का मानना है कि विभिन्न विभागों में नियुक्तियों को लेकर सरकारी हस्तक्षेप सदैव रहता है क्योंकि वाइस चांसलर की नियुक्ति भी सरकार द्वारा ही की जाती है ऐसे में किसी अपॉइंटमेंट में अगर सरकारी स्तर पर हस्तक्षेप होता है तो वह मान्य होता है इसमें किंतु परंतु नहीं सुनी जाती यूनिवर्सिटी का माहौल हो चुका है राजनीतिक: पी ए यू का माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो चुका है इसलिए वहां पर धड़ेबंदी सामान्य हो गई है हर विषय के आगमन और रुखसत होने के समय कैंपस में राजनीतिक माहौल सरगर्म हो जाता है बताया जाता है की जैसी सरकार आती है माहौल उसके अनुरूप हो जाता है और इस सरकार से संबंधित धड़ा सक्रिय हो जाता है जिस यूनिवर्सिटी के कामकाज में भी असर पड़ता है इसका जिम्मेदार संबंधित सरकारों को माना जाता है। यूनिवर्सिटी में नियुक्तियां होती है मैरिट के आधार पर बलदेव सिंह: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के नॉन टीचिंग स्टाफ के प्रधान बलदेव सिंह वालिया ने कहा कि उनके अनुभव में यह आया है कि जो नियुक्तियां वाइस चांसलर के अधीन है वह मेरिट के आधार पर हो रही है उन्होंने बताया कि हाल ही में 170 बेलदारो और मैसेंजरो की नियुक्ति के समय भी सिफारिशो को नहीं माना गया और यूनियन के सदस्यों को भी कमेटी में रखा गया और नियुक्तियों में पूरी पारदर्शिता रखी गई।