Advertisement
uturntime
Breaking
हेरोइन के नशे में व्यक्ति गिरफ्तार, मामला दर्ज सोलन और शिमला के लिए तेज़ कनेक्टिविटी, नितिन गडकरी ने पंजाब में 6-लेन रोड लिंक के लिए 1,500 करोड़ रुपये मंज़ूर किए डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन सोसायटी ने मार्केट व कमर्शियल एरिया कर्मियों के लिए एमओयू कराया, सुभाष गेट के पास विवाद, एक व्यक्ति घायल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए फूड वैन परियोजना शुरू बंदिया मुहल्ला में एक घर में लगी आग, एक की मौत लोकल बॉडी मंत्री अरोड के अपने शहर में ही अवैध निर्माणों की भरमार 384 उड़न दस्ते, एम.ए.टी.क्यू. ऐप और धारा 144 लागू कर भगवंत मान सरकार द्वारा 8.18 लाख विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित बोर्ड परीक्षाएं सुनिश्चित करने के लिए हर व्यवस्था पूर्ण लोक निर्माण मंत्री ने चल रही सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की, बारिश के मौसम से पहले इन परियोजनाओं को पूरा करने के दिए निर्देश DLSA, पंचकूला ने बाल मजदूरी के लिए सात बच्चों को बचाया। 22 फरवरी को बीजेपी दफ्तरों और विधायकों के घरों के बाहर रोष प्रदर्शन की घोषणा स्वदेशीकरण की प्रथम सीढ़ी परिवार -निहारिका गर्ग*
Logo
uturntime
चंडीगढ़ 19 Feb : केंद्र ने पंजाब में छह-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर बनाने के लिए 1,500 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं, जिसका मकसद चंडीगढ़ ट्राइसिटी इलाके में कनेक्टिविटी को काफ़ी बेहतर बनाना और ट्रैफिक की भीड़ कम करना है। नया कॉरिडोर नेशनल हाईवे 205A के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को ज़ीरकपुर बाईपास से जोड़ेगा, जो प्रस्तावित ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला में बड़े शहरी जंक्शनों पर भीड़ कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, ताकि भारी ट्रैफिक को शहर की सड़कों से दूर किया जा सके। अभी, NH-44, NH-205A और NH-152 के मुख्य हिस्सों पर गाड़ियों के बढ़ते लोड और एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने की वजह से अक्सर रुकावटें आती हैं। नए स्पर से इन हाईवे पर दबाव कम होने और ट्रैफिक फ्लो के बेहतर होने की उम्मीद है। शहरी इलाकों को राहत देने के अलावा, इस प्रोजेक्ट से रीजनल कनेक्टिविटी भी बढ़ने की उम्मीद है। गडकरी ने लिखा कि यह कॉरिडोर हिमाचल प्रदेश, खासकर शिमला इलाके की ओर तेज़ और आसान यात्रा को आसान बनाएगा, जिससे आने-जाने वालों और टूरिस्ट दोनों का यात्रा समय कम होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से सामान और यात्रियों की तेज़ आवाजाही से इलाके में इकोनॉमिक इंटीग्रेशन मज़बूत होगा। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रोजेक्ट को इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने, शहरी विस्तार में मदद करने और उत्तरी भारत में ओवरऑल ट्रांसपोर्ट एफिशिएंसी में सुधार करने के लिए एक स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट के तौर पर देखा जा रहा है।