जीरकपुर के सिंघपुरा रोड स्थित एक बिल्डर के सेल्स ऑफिस पर शुक्रवार सुबह बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने तीन राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी। गोलियां ऑफिस के गेट पर लगीं और आरोपी फरार हो गए। घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। बिल्डर अमित दुआ ने पहले पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाली कॉल मिलने का दावा किया है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जीरकपुर : ट्राईसिटी में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार सुबह जीरकपुर के सिंघपुरा रोड स्थित एक बिल्डर के सेल्स ऑफिस पर हुई फायरिंग की घटना ने न केवल पुलिस व्यवस्था बल्कि कारोबारियों में बढ़ती असुरक्षा की भावना को भी उजागर कर दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला रंगदारी और धमकियों से जोडक़र देखा जा रहा है, क्योंकि पीडि़त बिल्डर ने दावा किया है कि उसे पहले भी करोड़ों रुपये की फिरौती मांगने वाली कॉल आ चुकी हैं।
घटना सुबह करीब 11 बजे की है। सिंघपुरा रोड स्थित प्रोजेक्ट रजेरो ऐलीना के सेल्स ऑफिस के बाहर मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश युवक पहुंचे। एक युवक बाइक पर बैठा रहा, जबकि दूसरा ऑफिस के गेट तक आया और लगातार तीन राउंड फायरिंग कर दी। गोलियां सेल्स ऑफिस के एंट्री गेट पर लगीं। फायरिंग के बाद दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर सिंघपुरा चौक की ओर फरार हो गए।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
फायरिंग की पूरी घटना ऑफिस के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां कैद होने के बाद पुलिस को जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। घटना के समय बिल्डर अमित दुआ स्वयं ऑफिस में मौजूद थे। अचानक चली गोलियों की आवाज से कर्मचारियों में दहशत फैल गई और कुछ समय के लिए पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुरानी धमकियों से जुड़ रही जांच की कडिय़ां
बिल्डर अमित दुआ ने दावा किया है कि करीब एक वर्ष पहले उन्हें पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के लिए फोन आया था। उन्होंने उस समय जीरकपुर पुलिस को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दुआ का आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें समय-समय पर धमकी भरे फोन आते रहे। ऐसे में उन्हें आशंका है कि फायरिंग का मकसद उन्हें डराना और दबाव बनाना हो सकता है।
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ी चिंता
घटना के बाद रियल एस्टेट कारोबारियों में भी चिंता का माहौल है। दिनदहाड़े एक व्यस्त इलाके में स्थित सेल्स ऑफिस को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि पहले मिली धमकियों की गंभीरता से जांच होती तो शायद ऐसी घटना टाली जा सकती थी।
पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान, उनके भागने के रूट और संभावित मकसद का पता लगाने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि फायरिंग केवल धमकाने के लिए की गई या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
कोट्स
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर लिया जाएगा। पिछली धमकियों की भी जांच की जाएगी।
गजलप्रीत कौर, एएसपी जीरकपुर
सवाल जो जवाब मांग रहे हैं
-यदि पहले रंगदारी की शिकायत दी गई थी तो उस पर क्या कार्रवाई हुई?
-क्या फायरिंग का संबंध पुरानी धमकियों से है?
-क्या हमलावर किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं?
-कारोबारी वर्ग की सुरक्षा के लिए पुलिस की क्या रणनीति है?
फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग ने जीरकपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।