एयरोसिटी ए-ब्लॉक में निर्माणाधीन निजी अस्पताल की साइट पर मिट्टी ढहने से दो मजदूरों की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। डीसी कोमल मित्तल ने पुलिस और गमाडा को अलग-अलग जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने कथित लापरवाही के आरोप में साइट मैनेजर समेत चार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। गमाडा अब बिल्डिंग परमिशन, नक्शे और सुरक्षा मानकों की जांच करेगा।
मोहाली: एयरोसिटी ए-ब्लॉक में निर्माणाधीन निजी अस्पताल की साइट पर मिट्टी ढहने से दो मजदूरों की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने पुलिस और ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को अलग-अलग जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में कथित लापरवाही सामने आने के बाद साइट मैनेजर हरिंदर सिंह, लेबर मैनेजर राम बाबू, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश चौहान और संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल के अनुसार आरोपी फिलहाल फरार हैं।
डीसी ने गमाडा को निर्माणाधीन अस्पताल के लिए जारी बिल्डिंग परमिशन, स्वीकृत नक्शे और निर्माण नियमों की जांच करने को कहा है। यह भी देखा जाएगा कि साइट पर बिल्डिंग बायलॉज या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो नहीं किया गया। गमाडा जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपेगा, जिसके बाद नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हादसा वीरवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ था। निर्माण स्थल पर साइड वॉल के साथ लगी मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में चार मजदूर आ गए। उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी उदयवीर और ओमिंदर की मिट्टी के नीचे दबने से मौत हो गई। अनुज घायल हो गया, जबकि अमरपाल सुरक्षित बाहर निकल आया।
मजदूरों का आरोप है कि हादसे वाली जगह के पास भारी वाहन खड़ा किए जाने के कारण मिट्टी खिसकी। प्रशासन अब इसकी तकनीकी जांच भी करवाएगा कि खुदाई के दौरान जरूरी शोरिंग, सुरक्षा घेरा और अन्य इंतजाम किए गए थे या नहीं।
प्रोजेक्ट को *ईलाइट मेडिसिटी* बताया जा रहा है, जिसके निदेशक मनुज वाधवा और अधिराज वाधवा बताए गए हैं। मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रोजेक्ट संचालकों सहित सभी जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।