वीआईपी मूवमेंट के दौरान स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आरोप है कि मुख्यमंत्री समेत अन्य वीआईपी के लिए तैयार भोजन की जांच के नाम पर फूड सेफ्टी अधिकारी स्वयं खाना चखते हैं और तैयार खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर लैब भेजे जाते हैं, लेकिन मौके पर ऐसी वैज्ञानिक जांच की व्यवस्था नहीं है, जिससे किसी खाद्य वस्तु में मौजूद जहरीले, दूषित या अन्य खतरनाक तत्वों का तत्काल पता लगाया जा सके।
लुधियाना (अशोक सहगल) : पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाहियां वीआईपी लोगों की जान को खतरा बढ़ा रही है जैसे ही कोई वीआईपी शहर में आता है तो उसके खाने की जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के फूड विंग के अधिकारी मौके पर उपलब्ध होते हैं फिजिकल जांच के तौर पर वीआईपी को खाना परोसने से कुछ देर पहले फूड सेफ्टी अफसर सरकार के निर्धारित निर्देशों पर स्वयं खाना चख कर देखते हैं इसके अलावा मौके पर बने खाने के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए लैब में भेज दिया जाता है जबकि मौके पर किसी प्रकार की जांच नहीं की जाती ताकि खाद्य वस्तुओं में किसी दुषित, जहरीली या घातक वस्तु का पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के पास कैसे उपकरण नहीं है जो मौके पर खाद्य वस्तुओं के जांच कर सके जिस फूड सेफ्टी वैन को मौके पर टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है जो लोगों द्वारा ले गए फूड सैंपल की जांच रिपोर्ट 15 से 30 मिनट में दे देती है उसे भी वीआईपी ड्यूटी के दौरान नहीं किया जाता इसके बारे में पूछने पर एक फूड सेफ्टी अफसर ने कहा कि वह आम लोगों के लिए है परंतु क्या इसके टेस्ट मान्य नहीं है जो वीआईपी की जांच कर सके तो उनसे कोई उत्तर देते नहीं बन पड़ा।
उच्च अधिकारियों को आज तक नहीं लिखा पत्र
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री सहित वीआईपी की सुरक्षा को लेकर उच्च अधिकारियों को आज तक पत्र नहीं लिखा कि उन्हें ऐसे उपकरण उपलब्ध कराए जाएं जो मौके पर फूड सैंपल की रिपोर्ट दे दें इसके अलावा फूड सेफ्टी वैन को भी इस्तेमाल में नहीं लाया जाता जबकि उसे मौके पर जांच कर रिपोर्ट देने में सक्षम बताया जाता है । फिजिकल सैंपल के तौर पर सिर्फ फूड सेफ्टी अफसर को खाना खिलाना उचित नहीं ।
स्वास्थ्य विभाग करता है खानापूरी
शहर में वीआईपीज मूवमेंट के समय स्वास्थ्य विभाग खाना पूरी करता अधिक दिखाई देता है जिसके तहत डॉक्टरों की तैनाती एंबुलेंस की व्यवस्था तथा अधिकारियों की ड्युटिया लगाई जाती हैं परंतु वीआईपीज के खाने पीने की व्यवस्था करते समय फूड आइटम्स की मौके पर जांच नहीं की जाती। एक स्वस्थ अधिकारी का कहना है कि हम सिर्फ उतना ही कर सकते हैं जितना विभाग हमें कहता है यह उपकरण व सुविधा आदि उपलब्ध कराता है इससे ज्यादा वह अपने स्तर पर क्या कर सकते हैं बाली के बकरे की तरह फूड सेफ्टी अफसर स्वयं खाना खाकर उसकी जांच करते हैं।