करीब ₹28.87 करोड़ की दो अहम परियोजनाओं पर एप्रेजल कमेटी ने दी सिफारिश। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नई दर्शक दीर्घा, हाई-मास्ट एलईडी लाइट्स और आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी, जबकि 15 सुरक्षा चौकियों से शहर की निगरानी व्यवस्था होगी और मजबूत।
चंडीगढ़ : यूटी चंडीगढ़ में खेल अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, आईएएस की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मूल्यांकन समिति (एप्रेजल कमेटी) की बैठक में करीब ₹28.87 करोड़ की दो महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति एवं वित्तीय मंजूरी के लिए अनुशंसा की गई।
बैठक में वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, आईएएस, सचिव इंजीनियरिंग प्रेरणा पुरी, आईएएस, खेल निदेशक सौरभ कुमार अरोड़ा, मुख्य अभियंता सी.बी. ओझा, मुख्य वास्तुकार राजीव मेहता सहित चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सेक्टर-7 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को मिलेगा नया स्वरूप
बैठक में सेक्टर-7 स्थित हॉकी ग्राउंड एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के ₹22.93 करोड़ के उन्नयन प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य वर्ष 2027 में प्रस्तावित एशियन रिले चैंपियनशिप समेत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित करना है।
परियोजना के तहत 3,400 दर्शकों की क्षमता वाली नई दर्शक दीर्घा, टेंसाइल कैनोपी, मौजूदा पवेलियन का विस्तार और आधुनिकीकरण, खिलाड़ियों, तकनीकी अधिकारियों, मीडिया, वीआईपी और वीवीआईपी के लिए अलग-अलग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा सिविल, विद्युत और जनस्वास्थ्य से जुड़ी अधोसंरचना को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
परियोजना में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 1650 वॉट क्षमता की एलईडी स्पोर्ट्स फ्लडलाइट्स चार 35 मीटर ऊंचे हाई-मास्ट पोल पर स्थापित की जाएंगी। यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय प्रसारण मानकों के अनुरूप होगी, जिससे भविष्य में यहां होने वाली प्रतियोगिताओं का उच्च गुणवत्ता के साथ सीधा प्रसारण संभव हो सकेगा।
सीमा प्रवेश बिंदुओं पर बनेंगी 15 नई सुरक्षा चौकियां
समिति ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए चंडीगढ़ की सीमाओं पर 15 स्थायी सुरक्षा जांच चौकियों के निर्माण के प्रस्ताव पर भी विचार किया। इन आरसीसी चौकियों में कार्यालय, कंट्रोल रूम, रिकॉर्ड रूम, सुरक्षा कर्मियों के विश्राम कक्ष, बैरक, पेंट्री, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह प्रस्ताव सीआरपीएफ, चंडीगढ़ पुलिस, शहरी नियोजन विभाग और इंजीनियरिंग विभाग के संयुक्त निरीक्षण एवं सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। प्रशासन का मानना है कि शहर के विस्तार और बदलती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए इन आधुनिक चौकियों से सीमा निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और 24 घंटे सुरक्षा संचालन अधिक प्रभावी होगा। साथ ही सुरक्षा कर्मियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां भी उपलब्ध होंगी।
समयबद्ध तरीके से पूरी हों परियोजनाएं: मुख्य सचिव
बैठक के दौरान मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल चंडीगढ़ की खेल सुविधाओं को नई पहचान देंगी, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को भी और अधिक सुदृढ़ बनाएंगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अधोसंरचना और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, दोनों ही नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं। समिति की सिफारिश के बाद दोनों परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति और वित्तीय मंजूरी की प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।