रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता से तैयार शिक्षा परियोजनाओं का श्रेय पंजाब सरकार ले रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को राजनीतिक प्रचार नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए।
लुधियाना : पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सरदार रवनीत सिंह बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर केंद्र सरकार की योजनाओं और धनराशि का श्रेय लेने का आरोप लगाया है।
बिट्टू ने दावा किया कि पिछले चार वित्तीय वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब को शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹3,205 करोड़ से अधिक की सहायता जारी की है। इसमें समग्र शिक्षा योजना के तहत ₹2,200 करोड़ से अधिक की राशि शामिल है। इसके अलावा पीएम श्री स्कूल, पीएम पोषण, उल्लास और पीएम-उषा जैसी योजनाओं के माध्यम से स्कूल भवनों, स्मार्ट कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के पोषण के लिए धन उपलब्ध कराया गया।
बिट्टू ने कहा, “मोदी सरकार पैसा देती है, मान सरकार सिर्फ फीता काटती है। पैसा दिल्ली से आता है, पोस्टर चंडीगढ़ में छपते हैं।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य सरकार परियोजना-वार केंद्र और पंजाब सरकार के वित्तीय योगदान का विवरण सार्वजनिक करे। बिट्टू ने आरोप लगाया कि आप सरकार केंद्रीय सहायता से तैयार परियोजनाओं को अपने राजनीतिक प्रचार के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के बच्चों को प्रचार नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहिए।