लुधियाना के उद्योगपतियों ने जीएसटी रिफंड में देरी, बिजली ट्रिपिंग, सीटीओ नवीनीकरण और एनओसी से जुड़े मामलों को लेकर जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों से चर्चा की। फीको ने कहा कि स्थायी नीतियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से ही एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
लुधियाना (Naren Danu) : फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन (फीको) के अध्यक्ष सरदार गुरमीत सिंह कुलार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), लुधियाना के नवनियुक्त जीएम मनिंदर सिंह से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उद्योग जगत की प्रमुख समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
फीको ने साइकिल, सिलाई मशीन और कृषि उपकरण उद्योगों में जीएसटी रिफंड में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। संगठन के अनुसार कच्चे माल पर 18 प्रतिशत और तैयार उत्पाद पर 5 प्रतिशत जीएसटी होने के कारण उद्योगों की वर्किंग कैपिटल प्रभावित हो रही है। फीको ने समयबद्ध और ऑटोमेटिक जीएसटी रिफंड व्यवस्था की मांग की।
इसके अलावा लुधियाना के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली ट्रिपिंग, लो वोल्टेज और बिना पूर्व सूचना कटौती से होने वाली परेशानी भी सामने रखी गई। संगठन ने निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ बिजली शुल्क की व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।
एमएलयू क्षेत्रों को लेकर फीको ने कहा कि कई उद्योगों के सीटीओ की अवधि सितंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। ऐसे में बार-बार अस्थायी राहत देने के बजाय सरकार को स्थायी नीति बनानी चाहिए। वहीं, मालेरकोटला रोड के गिल, रनिया, संगोवाल और आलमगीर में 35-40 वर्षों से चल रही औद्योगिक इकाइयों को एनओसी और अन्य मंजूरियां जल्द जारी करने की मांग की गई।
फीको ने लुधियाना में नए फोकल प्वाइंट विकसित करने और धनांसू साइकिल वैली के प्लॉट एमएसएमई उद्योगों को जल्द आवंटित करने की मांग भी रखी। संगठन का कहना है कि इससे उद्योगों के विस्तार, नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इस मौके पर फीको के महासचिव मनजिंदर सिंह सचदेवा, यूसीपीएमए के कन्वीनर अवतार सिंह भोगल, सीनियर उपाध्यक्ष राजीव जैन, प्रचार सचिव सतनाम सिंह मक्कड़, गगनीश सिंह खुराना और प्रभजोत सिंह राजू सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।