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अब निगम शहर में रेहड़ी-फड़ी वालों से प्रति महीना इकट्‌ठा करेगा 40 लाख, खजाना भरने का प्रयास - Uturn Time
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लुधियाना/यूटर्न/29 जुलाई। नगर निगम की और से एक तरफ जहां पहले रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाया जा रहा था, वहीं अब अधिकारियों द्वारा रेहड़ियां लगवाकर उनसे राजस्व इकट्ठा करने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में शहर के चारों जोन के अधिकारियों को प्रति जोन 10 लाख रुपए प्रति महीना इकट्ठा करने के ऑर्डर किए गए हैं। यानि कि हर महीने अब 40 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा होंगे। इस पैसों को शहर के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। इस फंड से जहां एक तरफ शहर का दशा में सुधार होगा, वहीं सरकारी खजाने भी भर सकेगें। यह पहल नगर निगम कमिश्नर ओजस्वीं अलंकार द्वारा की गई है। उनकी दूरंदेशी सोच से शहर में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि पहले रेहड़ी फड़ी वालों से होने वाली कलेक्शन का ज्यादातर हिस्सा अफसरों और मुलाजिमों की जेब में जाता था। अब वे भी बंद होगा। बता दें कि यूटर्न टाइम अखबार द्वारा पहले इस मुद्दे को प्रमुख्ता से प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया गया था कि हर महीने आठ करोड़ रुपए की वसूली होती है। जिसमें से आधा पैसा अधिकारी व मुलाजिम मिलकर अपनी जेब में डाल लेते हैं। लेकिन इस मामले में अब संज्ञान लेते हुए कमिश्नर द्वारा इस चोरी को बंद किया जा रहा है। पहले प्रति महीना ढ़ाई लाख की होती थी कलेक्शन चर्चा है कि कुछ दिन पहले निगम कमिश्नर ओजस्वीं द्वारा सभी जोन के अफसरों और तहबाजारी टीमों के साथ मीटिंग की गई। इस दौरान टीमों को शहर में रेहड़ियां लगवाकर उनसे फंड जुटाने के आदेश दिए गए हैं। जिसमें कहा गया कि पहले हर महीने ढ़ाई लाख रुपए प्रति जोन इकट्ठा होते थे। लेकिन अब दायरा बढ़ाकर 10 रुपए लाख कर दिया गया है। टीमों द्वारा इन आदेशों पर काम करना भी शुरु कर दिया गया है। कमिश्नर के वीजन से होगा शहर का सुधार चर्चा है कि निगम कमिश्नर ओजस्वीं का बड़ा वीजन है। उनके इस वीजन की बदौलत ही सरकारी खजाने के साथ साथ शहर को फायदा मिल सकेगा। हालांकि अब देखना होगा कि निचले सत्र के अधिकारी इन आदेशों को कितनी गंभीरता के साथ मानते हैं। शहर में जमकर रेहड़ी फड़ी लगवाने के आदेश चर्चा है कि अधिकारियों के निर्देश अनुसार शहर में जगह जगह रेहड़ी फड़ी लगवाकर उनकी सरकारी पर्ची काटी जाए। बता दें कि बिना छत्त वाली रेहड़ी की फीस 1500 रुपए और छत्त वाली रेहड़ी की फीस 2500 रुपए है। ऐसे में हर रेहड़ी की स्लीप काटना अनिवार्य किया गया है। जिसके चलते चर्चा है कि इन टारगेट को पूरा करने के लिए उन स्थानों पर भी रेहड़ियां लगवाई जा रही है, जहां पर पहले कभी निगम द्वारा स्लीप नहीं काटी गई। हर महीने आठ करोड़ की वसूली होने की चर्चाएं चर्चा है कि लुधियाना में 75 हजार से लेकर एक लाख तक रेहड़ी फड़ी लगती है। हालांकि निगम ऑन रिकॉर्ड 25-30 हजार की बात कहता है। इन रेहड़ी वालों से हर महीने वसूली भी होती है, लेकिन इसमें से सिर्फ 15-20 प्रतिशत पैसा ही सरकारी खजाने में जमा हो पाता है। बाकी पैसा अधिकारी व मुलाजिम हड़प कर जाते हैं। पीएयू गेट नंबर तीन के पास भी लगने वाली रेहड़ियां एक अफसर की सिफारिश पर चल रही हैं। ----