लुधियाना/यूटर्न/29 जुलाई। एक तरफ कांग्रेस पार्टी की लोकसभा चुनाव में गुट्टबाजी देखने के बाद अब पंजाब प्रधानगी को लेकर पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद राजा वड़िंग में खींचतान चल रही है। वहीं दूसरी तरफ लुधियाना में फिर से पार्टी नेताओं में गुट्टबाजी शुरु हो चुकी है। राजा वडिंग के लोकसभा चुनाव में पूरा दम लगाने वाले कारोबारी और समाजसेवी मुकेश जैन नवकार बिट्टू नवकार ने भी खुलकर विरोध शुरु कर दिया है। दरअसल, बिट्टू नवकार द्वारा हल्का सेंट्रल से कांग्रेस पार्टी की टिकट की दावेदारी ठोकी जा रही है। इसके लिए बकायदा उन्होंने सुंदर नगर में अपना ऑफिस भी खोल लिया है। चर्चा है कि राजा वडिंग द्वारा बिट्टू नवकार जैसे नेताओं को तवज्जो नहीं दी गई, जिसके चलते अब वे आशु गुट में शामिल हो चुके हैं। हालांकि हल्का सेंट्रल से वडिंग गुट के पूर्व विधायक सुरिंदर डावर भी खुद को कांग्रेस पार्टी का उम्मीदवार मान रहे हैं। अब देखना होगा कि पार्टी किसे टिकट देती है और किसे शांत करके बैठाया जाएगा। वहीं चर्चाएं शुरु हो गई है कि राजा वडिंग उन्हें जिताने में अहम रोल अदा करने वाले पार्टी वर्करों को भी अपने साथ जोड़ने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं।
मिशन 2027 का वायरल हुआ पोस्टर
दरअसल, बिट्टू नवकार की और से एक पोस्टर वायरल किया गया है। जिसमें लिखा है कि मेरा हल्का, मेरा परिवार इस बार बिट्टू नवकार। हालांकि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के हाथ पंजे के निशानर के साथ मिशन 2027 भी लिखा है। जिससे जाहिर है कि वे कांग्रेस पार्टी की तरफ से हल्का सेंट्रल से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं।
वडिंग की कैंपेन में निभाई अहम भूमिका
चर्चा है कि 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान राजा वडिंग लुधियाना से टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस दौरान बिट्टू नवकार द्वारा उनकी कैंपेन में अहम भूमिका निभाई गई थी। चर्चा है कि वडिंग के जीतने के बाद बिट्टू नवकार को उनसे वे दर्जा नहीं मिला, जो उन्होंने सोचा था। जिसके बाद नवकार लगातार दूरी बनाते चले गए। आखिर अब उन्होंने चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है।
पोस्टर से हटी वडिंग की तस्वीर
एक तरफ जहां पार्टी के बाकी लीडरों द्वारा हर पोस्टर में किसी और की फोटो हो या न हो, लेकिन पार्टी प्रधान राजा वडिंग की फोटो जरुर लगाई जाती है। लेकिन बिट्टू नवकार के पोस्टर से वडिंग की फोटो गायब है। जिससे आपसी मनमुटाव साफ देखने को मिल रहे हैं। हालांकि पहले पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और कमलजीत सिंह कड़वल में विवाद चल रहा था, लेकिन पिछले दिनों दोनों लीडरों में समझौता होने पर लुधियाना में पार्टी की गुट्टबाजी खत्म होने की संभावनाएं जताई जा रही थी। लेकिन अब बिट्टू नवकार की इस पोस्ट ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
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