राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने कथित फार्मेसी अफसर भर्ती मामले को लेकर पंजाब सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराई गई और अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय था। चुग ने कहा कि लगातार सामने आ रहे भर्ती विवाद युवाओं के भरोसे को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली/चंडीगढ़ (Naren Danu) : भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने कथित फार्मेसी अफसर भर्ती घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। उन्होंने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया पर परीक्षा माफिया हावी हो चुका है और सरकार आरोपियों को बचाने का काम कर रही है।
चुग ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि आम आदमी पार्टी ने ईमानदार शासन के नाम पर राजनीति शुरू की थी, लेकिन आज वही सरकार सरकारी नौकरियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों पर चुप है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।
उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के 25 परीक्षा केंद्रों पर 454 फार्मेसी अफसर पदों के लिए करीब 7 हजार उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। यह परीक्षा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने आयोजित करवाई थी।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि जांच में परीक्षा के दौरान नकल गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। उनके अनुसार, उम्मीदवारों के पास छिपे हुए पेन कैमरे, ईयरपीस और वायरलेस माइक्रो डिवाइस बरामद किए गए। पुलिस कार्रवाई में कई उम्मीदवारों को हिरासत में लिया गया है और कथित तौर पर कुछ मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है।
चुग ने दावा किया कि गिरोह ने प्रश्नपत्र की तस्वीरें लेकर व्हाट्सएप के जरिए बाहर भेजीं और फिर एक कथित कंट्रोल रूम से जवाब परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उम्मीदवारों से लाखों रुपये वसूले गए।
उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं है और पंजाब में इससे पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
चुग ने मांग की कि कथित भर्ती घोटालों की पूरी जांच हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रभावित अभ्यर्थियों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।