सफाई कर्मचारी यूनियन और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने बरनाला की घटना को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिला कर्मचारियों से कथित मारपीट और पुलिस बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जीरकपुर: बरनाला में सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प का विरोध अब जीरकपुर तक पहुंच गया है। शनिवार को सफाई कर्मचारी यूनियन, विभिन्न सामाजिक संगठनों और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसमें महिला सफाई कर्मचारियों के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। घटना को लेकर कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के लोगों में भारी रोष देखने को मिला।
रविंदर पाल कुकी ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उनकी मांगें सुनने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
जीरकपुर सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान प्रदीप सूद ने कहा कि बरनाला में महिला कर्मचारियों समेत सफाई कर्मियों पर हुए कथित लाठीचार्ज को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो सोमवार को पूरे पंजाब में चक्का जाम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदेशभर की यूनियनें और सामाजिक संगठन एकजुट हैं। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार तथा प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग केवल दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करने की है। उन्होंने सरकार से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान निकालने की मांग की।