मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने की तैयारी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विदेश भ्रमण योजना की घोषणा की। एमडीयू रोहतक में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और विदेशी भाषाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में 391 STEM लैब, 250 अटल टिंकरिंग लैब और सुपर-100 कार्यक्रम से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
रोहतक: हरियाणा सरकार प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि सरकार जल्द ही ऐसी योजना शुरू करेगी, जिसके तहत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विदेश भ्रमण पर भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों के ज्ञान, सोच और वैश्विक दृष्टिकोण का विस्तार करना है।
मुख्यमंत्री वीरवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं और ओलंपियाड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाने का साधन होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी सफलता मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है और उन्हें भविष्य में और ऊंचाइयों तक पहुंचना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब तक 391 एसटीईएम (STEM) लैब स्थापित की जा चुकी हैं। इसके अलावा 250 स्कूलों में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब विकसित की जा रही हैं, जहां विद्यार्थी विज्ञान, रोबोटिक्स और नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर 10 किलोमीटर के दायरे में राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में 468 पीएम श्री और मॉडल संस्कृति विद्यालय संचालित हो रहे हैं। वहीं, 250 उत्कृष्ट विद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थी हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों से शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि मिशन बुनियाद और सुपर-100 कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन योजनाओं के तहत 277 विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया है, जबकि 61 विद्यार्थी मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक अवसरों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है, जिसके माध्यम से युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही सरकारी स्कूलों में विदेशी भाषाओं की शिक्षा भी शुरू की गई है। फिलहाल 60 शिक्षकों को फ्रेंच भाषा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके साथ मंच पर सेल्फी भी ली। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया, शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।