स्मार्ट शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच रायपुर खुर्द स्कूल का बदहाल रास्ता प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। मानसून में मुख्य मार्ग पर पानी भरने से छात्र, शिक्षक और अभिभावक परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल यही समस्या दोहराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने जल निकासी और सड़क सुधार कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है।
चंडीगढ़ (अजीत झा.) : देश के सबसे योजनाबद्ध शहरों में शुमार चंडीगढ़ में जहां शिक्षा को आधुनिक बनाने और स्मार्ट क्लासरूम विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं रायपुर खुर्द स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। करीब 3,000 विद्यार्थियों वाले इस सरकारी स्कूल के बाहर बरसात के दिनों में सड़क की जगह कीचड़ और जलभराव दिखाई देता है।
बारिश के बाद स्कूल के मुख्य मार्ग पर पानी भर जाने से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बच्चों को जूते हाथ में लेकर या कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर मानसून में यही हालात बन जाते हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
समाजसेवी अरविंद सिंह ने कहा कि एक ओर प्रशासन स्मार्ट एजुकेशन, डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की बात करता है, वहीं दूसरी ओर स्कूल तक पहुंचने का बुनियादी रास्ता भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि स्कूल चंडीगढ़-पंजाब सीमा के निकट स्थित है और यहां बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। ऐसे में खराब सड़क और जलभराव न केवल पढ़ाई प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल के बाहर सड़क को जल्द पक्का करने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने और मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से राहत दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक बच्चों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा, तब तक स्मार्ट शिक्षा के दावे अधूरे ही रहेंगे।