बारिश और बढ़ते जलस्तर ने राज्य के बड़े हिस्से को चपेट में लिया, 24 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि डूबी। हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया, प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों और राहत सामग्री की तैनाती।
गुवाहाटी (Naren Danu) :असम में लगातार जारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। पड़ोसी राज्यों अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हो रही भारी वर्षा के कारण राज्य की कई नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, राज्य में एक ही दिन में 21 लोगों की मौत दर्ज की गई, जिसके बाद इस साल बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 34 हो गया है।
ब्रह्मपुत्र नदी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। निमातीघाट में ब्रह्मपुत्र, खोवांग के चेनीमारी में बुढ़ीदिहिंग और नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। इसके अलावा दिखौ और दिसांग नदियां भी उच्च बाढ़ स्तर के ऊपर बह रही हैं।
एएसडीएमए के मुताबिक, राज्य के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें गोलाघाट, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, बिश्वनाथ, धेमाजी, शोणितपुर, उदालगुड़ी, नगांव, चराईदेव, कामरूप मेट्रो, जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और शिवसागर शामिल हैं। इन जिलों के 44 राजस्व मंडलों के 872 गांव प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ से करीब 5.64 लाख लोग प्रभावित हैं, जबकि 24 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 71 राहत शिविर और 202 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में 12 हजार से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि एक लाख से ज्यादा लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
शिवसागर में सबसे अधिक मौतें
मंगलवार को दर्ज 21 मौतों में सबसे ज्यादा नुकसान शिवसागर जिले में हुआ, जहां 13 लोगों की जान गई। इसके अलावा चराईदेव में पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक व्यक्ति की मौत हुई है। मृतकों में पुरुषों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
बाढ़ का असर पशुधन पर भी पड़ा है। अब तक करीब 1.85 लाख पशु प्रभावित हुए हैं, जिनमें 61 हजार से अधिक बड़े पशु, 92 हजार से ज्यादा छोटे पशु और 30 हजार से अधिक मुर्गी पालन शामिल हैं। बाढ़ के पानी में 107 पशुओं के बहने की सूचना है।
राहत अभियान में जुटीं कई एजेंसियां
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। सरकार ने 89 मेडिकल टीमें तैनात की हैं, जबकि 50 नावों के जरिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
अब तक नावों की मदद से 6101 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। शिवसागर जिले में हालात को देखते हुए राहत कार्यों के लिए दो हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं।
राज्य सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को चावल, दाल, नमक, सरसों तेल और पशुओं के चारे समेत जरूरी सामग्री वितरित की जा रही है। प्रशासन के अनुसार बाढ़ से कई सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज किए जा रहे हैं।