गीतांजलि आंग्मो ने चिकित्सा रिपोर्ट और निगरानी व्यवस्था पर मांगी जानकारी, बेहतर इलाज के लिए स्थानांतरण की अनुमति की मांग
नई दिल्ली (Naren Danu) : पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने शनिवार को सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर उन्हें उनकी पसंद के किसी अन्य चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी है।
पत्र में गीतांजलि ने अस्पताल की चिकित्सा प्रक्रिया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल की मेडिकल टीम ने शनिवार सुबह उन्हें बताया कि सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर 2.9 तक गिर गया है, जबकि इससे एक दिन पहले शाम 4:16 बजे यह 4.3 दर्ज किया गया था। उन्होंने इस अंतर को लेकर विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को वांगचुक की निगरानी कर रहे चिकित्सकों से सीधे बातचीत करने और पूरी जानकारी हासिल करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। गीतांजलि ने कहा कि पारदर्शिता की कमी के कारण परिवार का भरोसा प्रभावित हुआ है, इसलिए अब वे उन्हें दूसरे चिकित्सा केंद्र में ले जाना चाहते हैं।
पत्र में अस्पताल प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि डिस्चार्ज से जुड़ी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं, ताकि वांगचुक को आगे की जांच और उपचार के लिए स्थानांतरित किया जा सके।
बाद में मीडिया से बातचीत में गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल बेहतर है और वे यात्रा करने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि वांगचुक छात्रों के भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे थे।
उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन में दिल्ली के अलावा देश के कई अन्य शहरों में भी छात्र मार्च आयोजित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। शनिवार सुबह स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। पुलिस ने कहा था कि यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उठाया गया, जबकि आंदोलन से जुड़े लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।